पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट
रामगढ़ जिले के पतरातू स्थित पीटीपीएस कॉलोनी क्षेत्र में सड़क किनारे लगे वर्षों पुराने लिप्टिस के पेड़ अब परेशानी के साथ खतरे का कारण भी बनते जा रहे हैं. पेड़ों की ऊंची और घनी डालियां बिजली के तारों के आसपास फैल गयी हैं. मौसम में बदलाव के साथ हल्की आंधी और बारिश होते ही कमजोर डालियां टूटकर सड़क पर गिरने लगती हैं. इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
कॉलोनीवासियों के अनुसार, कई पेड़ काफी पुराने हो चुके हैं और उनकी बड़ी-बड़ी डालियां कमजोर पड़ गयी हैं. हवा और बारिश के दौरान ये डालियां टूटकर बिजली के तारों पर गिरती हैं. कई बार इससे बिजली के पोल और तार भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. इसके कारण पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है. पेड़ों की शाखाओं का बिजली तारों तक पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए लगातार चिंता का कारण बना हुआ है.
डालियां गिरने से कई दिनों तक बिजली संकट
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली के तार और पोल क्षतिग्रस्त होने के बाद उनकी मरम्मत में समय लग जाता है. इस कारण कॉलोनीवासियों को कई-कई दिनों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ता है. बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित होती है. इससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है.
लोगों का कहना है कि बारिश और हवा के दौरान पेड़ों की कमजोर डालियां टूटने की आशंका बनी रहती है. बिजली तारों पर डालियां गिरने से आपूर्ति बाधित होने के साथ सड़क पर भी खतरा पैदा हो जाता है.
समय पर छंटाई नहीं हुई, तो हो सकता है बड़ा हादसा
कॉलोनीवासियों का कहना है कि खतरनाक पेड़ों और कमजोर डालियों की नियमित छंटाई नहीं हो रही है. सड़क के दोनों ओर पेड़ों की लंबी कतार है और कई शाखाएं बिजली के तारों के ऊपर तक पहुंच चुकी हैं. ऐसे में किसी दिन बड़ी डाल या पूरा पेड़ सड़क पर गिरने से जान-माल का नुकसान हो सकता है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर राहगीरों और वाहनों की आवाजाही लगातार होती रहती ह. इसलिए कमजोर पेड़ों और डालियों को नजरअंदाज करना कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है.
संयुक्त सर्वे कर कार्रवाई की मांग
कॉलोनीवासियों ने विद्युत विभाग, संबंधित प्रबंधन और वन विभाग से संयुक्त सर्वे कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि सर्वे के माध्यम से खतरनाक पेड़ों और कमजोर डालियों की पहचान कर तत्काल छंटाई करायी जानी चाहिए.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, समय रहते कार्रवाई होने से बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के साथ राहगीरों और कॉलोनीवासियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है. लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएं, ताकि किसी हादसे के बाद कार्रवाई की स्थिति न बने.
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