रामगढ़: दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि मंगलवार को उनके पैतृक गांव नेमरा और लुकैयाटांड़ में मनायी गयी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण किया. उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. पैतृक आवास के आंगन में बाबा शिबू सोरेन और दादा शहीद सोबरन मांझी की प्रतिमा पर भी श्रद्धासुमन अर्पित किया गया.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारे परिवार के लिए आज का दिन काफी भारी है. मुख्यमंत्री तीन अलग-अलग स्थलों पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने अपनी मां रूपी सोरेन, पत्नी कल्पना सोरेन और परिवार के सभी सदस्यों के साथ बाबा शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी. पैतृक आवास के आंगन में बाबा शिबू सोरेन की तस्वीर स्थापित की गयी थी.
यहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन, बहन रेखा सोरेन, रीतूलाल सोरेन, बिनोद किस्कू, जीतलाल टुडू समेत परिवार के सभी सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी. पैतृक आवास पहुंचते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भावुक हो गये. उन्होंने संताली समाज और नेमरा गांव के लोगों से बातचीत की और उनके साथ भोजन भी किया. इसके बाद मुख्यमंत्री पैतृक आवास के समीप बने हेलीपैड से हेलीकॉप्टर से रांची के लिए रवाना हो गये.
श्रद्धांजलि देने के लिए लगा रहा तांता
लुकैयाटांड़ मैदान में स्थित सोना सोबरन प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में 15 फीट की प्रतिमा बाबा शिबू सोरेन की स्थापित की गयी थी. झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, राधा कृष्ण किशोर, संजय यादव, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, राज्य सभा सदस्य महुआ माजी, विधायक ममता देवी, उमाकांत रजक, कुमार जयमंगल सिंह, अमित महतो, पूर्व मंत्री बेबी देवी, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता, बंधु तिर्की, सुप्रिया भट्टाचार्या, फागू बेसरा, बिनोद किस्कू, दशई मांझी, चित्रगुप्त महतो, संतोष कुमार संतु, बिनोद महतो, राजेश ठाकुर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, आइजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा, डीसी ऋतुराज, एसपी मुकेश कुमार, डीएफओ नीतीश कुमार, डीडीसी आशीष अग्रवाल ने श्रद्धांजलि दी.
असामाजिक तत्वों से सावधान रहने की जरूरत
लुकैयाटांड़ मैदान में शहीद सोबरन मांझी की प्रतिमा स्थापित की गयी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने दादा शहीद सोबरन मांझी की प्रतिमा स्थल पर पहुंच कर श्रद्धासुमन अर्पित किये. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके दादा एक शिक्षक के रूप में समाज में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभा रहे थे.
असामाजिक तत्वों ने रात के अंधेरे में उनकी निर्मम हत्या कर दी थी. उन्होंने कहा कि यह घटना उनके जन्म से पहले हुई थी, लेकिन आज भी ऐसे असामाजिक तत्व नये चेहरे के रूप में मौजूद हैं. उनसे सावधान रहने की जरूरत है.
