रामगढ़ः सांसद मनीष जायसवाल ने बुधवार को चुटूपालू घाटी स्थित ब्लैक स्पॉट का एनएचएआई और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया. घाटी में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर सांसद ने गंभीर चिंता जताई और प्रस्तावित सड़क सुरक्षा परियोजना की विस्तृत तकनीकी समीक्षा करने का निर्देश दिया.
तीखे मोड़ और ढलान बन रहे दुर्घटना का कारण
सांसद ने कहा कि चुटूपालू घाटी में तीखे मोड़, ढलान और अन्य तकनीकी कारणों से लगातार सड़क दुर्घटनाएं होती रही हैं. उन्होंने बताया कि पूर्व में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर घाटी में सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दुर्घटनाग्रस्त स्थलों में तकनीकी सुधार कराने की मांग की गई थी. सांसद की पहल पर करीब 140 करोड़ रुपए की लागत से सड़क सुरक्षा परियोजना का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया गया है. एनएचएआई की ओर से परियोजना का टेंडर भी किया जा चुका है.
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निर्माण से पहले हर बिंदु की हो तकनीकी जांच
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण से जुड़ा कार्य नहीं है, बल्कि हजारों यात्रियों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है. इसलिए कार्य शुरू होने से पहले परियोजना के प्रत्येक बिंदु की तकनीकी समीक्षा जरूरी है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रह जाए.
खराब प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल ने चुटूपालू घाटी में खराब प्रकाश व्यवस्था का मुद्दा उठाया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रकाश व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने की मांग की, ताकि रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके. मौके पर एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की, सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, एनएचएआई के परियोजना निदेशक विजय कुमार, क्षेत्रीय कार्यालय के पदाधिकारी धीरज भारती, ट्रैफिक इंस्पेक्टर गजेंद्र पांडेय, रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
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