रामगढ़.दिगंबर जैन समाज रामगढ़ ने जैन धर्म के पावन पर्व क्षमावाणी को राष्ट्रीय क्षमा दिवस के रूप में घोषित करने की मांग की है. जैन समाज रामगढ के सचिव योगेश सेठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु व गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर मांग पर शीघ्र विचार करने का मांग किया है.
‘मिच्छामि दुक्कड़म’ को मिले राष्ट्रीय पहचान
योगेश सेठी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी क्षमावाणी के महत्व को स्वीकार करते हुए अपने संबोधन में मिच्छामि दुक्कड़म कहा है. उन्होंने कहा कि जैन धर्म के मूल सिद्धांतों में दया, ममता, करुणा व क्षमा का विशेष महत्व है.
क्षमा मांगने और करने से मजबूत होते हैं रिश्ते
उन्होंने बताया कि क्षमावाणी के अवसर पर जैन धर्मावलंबी वर्षभर में जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए छोटे-बड़े सभी से क्षमा मांगते हैं और दूसरों को भी क्षमा करते हैं. क्षमा मांगने और क्षमा करने से व्यक्ति की गरिमा एवं आपसी संबंधों में मजबूती आती है.
योग की तरह क्षमावाणी को मिले राष्ट्रीय पहचान
सेठी ने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री की दूरदर्शी पहल से योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली, उसी प्रकार क्षमावाणी को भी राष्ट्रीय क्षमा दिवस के रूप में मान्यता देने पर विचार किया जाना चाहिये. उन्होंने जैन समाज की ओर से इसी वर्ष से राष्ट्रीय स्तर पर क्षमा दिवस मनाने की शुरुआत की मांग की.
