रामगढ़ से राजीव कुमार की रिपोर्ट
Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू क्षेत्र के बहुचर्चित कामेश्वर पांडेय हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. शुक्रवार को सुनवाई करते हुए दो दोषियों अमन श्रीवास्तव और लखन साव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.
किन धाराओं में मिली सजा
रामगढ़ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा दी. इसके अलावा धारा 120(बी) में भी आजीवन कारावास और जुर्माना लगाया गया. आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई. जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है.
पहले ही दोषी ठहराए जा चुके थे आरोपी
इससे पहले 7 मई को अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था. सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 15 मई की तिथि निर्धारित की गई थी, जिस पर अंतिम फैसला सुनाया गया.
क्या था पूरा मामला
26 अक्टूबर 2015 को पतरातू बस्ती निवासी कामेश्वर पांडे की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना राम जानकी मंदिर के पास साप्ताहिक बाजार में हुई थी, जहां बाइक सवार अपराधियों ने नजदीक से सिर में गोली मारी थी.
घटना के बाद मची थी अफरा-तफरी
हत्याकांड के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई थी. स्थानीय लोगों ने हमलावरों का पीछा किया, जिसमें एक आरोपी भीड़ के हत्थे चढ़ गया और पिटाई में उसकी मौत हो गई. दूसरा आरोपी पुलिस के कब्जे में आ गया था, जबकि एक आरोपी फरार हो गया था.
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लंबी जांच के बाद आया फैसला
मामले में पवन किशोर पांडे के आवेदन पर पतरातू थाना कांड संख्या 250/2015 दर्ज किया गया था. पुलिस जांच, गवाहों के बयान और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने अमन श्रीवास्तव और लखन साव को दोषी मानते हुए सजा सुनाई. वहीं अजय प्रकाश सिंह उर्फ गणेश सिंह को साक्ष्य के अभाव में पहले ही बरी किया जा चुका है. यह फैसला पतरातू क्षेत्र के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक का निर्णायक अंत माना जा रहा है.
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