खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम के खिलाफ झामुमो का पतरातू में धरना-प्रदर्शन, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के प्रावधानों के विरोध में धरना दिया. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन सौंपकर राज्यों के खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग की.

रामगढ़. खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के प्रावधानों और राज्यों के खनिज अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रखंड समिति, पतरातू ने प्रखंड मुख्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. धरना के पश्चात झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी, पतरातू के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन सौंपा.

ज्ञापन में कहा गया कि इस संशोधन से राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों तथा खनिज आधारित राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है, इसलिए झामुमो ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की रक्षा की पुरजोर मांग की.

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले और 1.36 लाख करोड़ के लंबित दावों का जिक्र

ज्ञापन में 25 जुलाई 2024 को सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाम भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड मामले में दिए गए फैसले का विशेष उल्लेख किया गया. कहा गया कि झारखंड ने देश के औद्योगिक विकास के लिए अपनी खनिज संपदा उपलब्ध कराई है, लेकिन बदले में विस्थापन और पर्यावरणीय क्षति झेली है.

झामुमो ने राष्ट्रपति के समक्ष प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें संशोधन के संवैधानिक प्रभावों का गंभीर परीक्षण कराने, राज्यों के साथ सार्थक बातचीत करने, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के आलोक में संवैधानिक शक्तियों का संरक्षण करने तथा झारखंड के लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये के लंबित खनन संबंधी आर्थिक दावों का शीघ्र निपटारा कराने की मांग शामिल है.

राष्ट्रपति से की दखल की अपील, कई कार्यकर्ता रहे मौजूद

झामुमो ने राष्ट्रपति से इस संशोधन के संवैधानिक, वित्तीय, सामाजिक एवं पर्यावरणीय प्रभावों पर गंभीरता से विचार करते हुए राज्य के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए ज़रूरी कदम उठाने का आग्रह किया. इस विरोध-प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने के दौरान

मौके पर झलकू बेदिया, उदय अग्रवाल, हरिलाल बेदिया, मुकेश राउत, सीताराम मुंडा, अलीम अंसारी, चैलेन्द्र बेदिया, बीरेंद्र यादव, आजाद अंसारी, अशोक रजक, प्रमोद ठाकुर, मनोज महली, राजेश ठाकुर, नंदकिशोर मुंडा, चरकु गंजू, तुलेश्वर राम, लक्ष्मी राम, राजकुमार ठाकुर, मनसा बेदिया, शिवनाथ बेदिया, नकुल सिंह, शिवनारायण प्रसाद इत्यादि लोग प्रमुख रूप से शामिल थे.

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By डॉ. सलाउद्दीन

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