केदला से वकील की रिपोर्ट
केदला (रामगढ़). झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोरचा (JLKM) ने सीसीएल की झारखंड उत्खनन परियोजना से जुड़े स्थानीय लोगों की समस्याओं, रोजगार और अन्य जनसुविधाओं को लेकर परियोजना अधिकारी (पीओ) को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा है.
मांग पत्र में कई महीनों से बंद पड़े लोकल सेल को अविलंब चालू करने और आउटसोर्सिंग कंपनियों में 75 प्रतिशत विस्थापित एवं प्रभावित लोगों को रोजगार देने की प्रमुख मांग रखी गई है.
मानदेय वृद्धि, ठेकेदारी और लेबर लोडिंग पर जोर
मोरचा ने आउटसोर्सिंग कंपनियों में कार्यरत मजदूरों को एचपीसी दर पर मानदेय देने, 1 करोड़ रुपये तक के ठेकेदारी कार्य स्थानीय बेरोजगारों को सीधे देने और लोकल सेल में लेबर लोडिंग की दर 2,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने की मांग की है. साथ ही रोड सेल के कोयले में 75 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय बेरोजगार युवाओं को बेसिक दर पर देने की बात कही गई है.
सीएसआर मद से स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सुविधाएं
मांग पत्र के जरिए सीएसआर मद से रामगढ़ एवं हजारीबाग के लिए कॉलेज बस की व्यवस्था करने, स्वास्थ्य सुविधा के साथ एंबुलेंस, ग्रामीणों के लिए पेयजल और युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की मांग की गई है. इसके अलावा, किसी रैयत अथवा विस्थापित की मृत्यु होने पर दाह-संस्कार एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कोयला उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है.
सकारात्मक पहल न होने पर आंदोलन की चेतावनी
मोरचा ने कहा कि स्थानीय लोगों के रोजगार, अधिकार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी इन मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान किया जाए. यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो इसके लिए जोरदार आंदोलन किया जाएगा और बंदी से होने वाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी.
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
मांग पत्र सौंपने वालों में मुख्य रूप से जेएलकेएम केंद्रीय उपाध्यक्ष सह रैयत रवि कुमार महतो, अनूप महतो, मिथलेश महतो, कुमार विवेक, जलेश्वर महतो, कृष्णा महतो, अर्जुन महतो, अभिनाश महतो, राजकुमार महतो, शशि महतो, अशोक महतो, योगेश महतो, कुलदीप महतो, तुलेश्वर महतो, पवन महतो, प्रशांत कुमार, दिनेश महतो, राकेश महतो, पिंटू महतो के अलावा दर्जनों रैयत विस्थापित ग्रामीण उपस्थित थे.
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