ज्ञान भारतम अभियान से चमकेगा जरीना खातून संग्रहालय

ज्ञान भारतम अभियान से चमकेगा जरीना खातून संग्रहालय

दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण को मिलेगी नयी दिशा ::1500 से अधिक पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन की बनी योजना चितरपुर. संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित ज्ञान भारतम अभियान के तहत देशभर की प्राचीन एवं दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटाइजेशन की दिशा में पहल तेज हो गयी है. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अभिलेखा अध्यक्ष डॉ कुमार संजय झा, संत जेवियर कॉलेज, रांची के डॉ कमल बोस, राधा गोविंद विश्वविद्यालय, रामगढ़ के डॉ विनोद कुमार तथा डॉ अमित कुमार चौधरी ने जरीना खातून संग्रहालय एवं शोध केंद्र का दौरा किया. संग्रहालय के निदेशक फैयाज अहमद ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें संग्रहालय का भ्रमण कराया. उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन अवशेषों, ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं सांस्कृतिक धरोहरों की जानकारी दी. विशेष रूप से अरबी, संस्कृत, कैथी और अंग्रेजी भाषा में सुरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों की ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक महत्ता पर प्रकाश डाला. बताया गया कि संग्रहालय में लगभग 1500 से 2000 पृष्ठों की बहुमूल्य पांडुलिपियां संरक्षित हैं. इनमें भाषा, साहित्य, धर्म एवं सामाजिक जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदर्भ सुरक्षित हैं. श्री झा ने कहा कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत इन पांडुलिपियों का वैज्ञानिक ढंग से दस्तावेजीकरण, संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन किया जायेगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि शोधार्थियों को अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए यहां भेजा जायेगा. डॉ कमल बोस एवं डॉ विनोद कुमार ने संग्रहालय के कार्यों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र बताया. यह दौरा संग्रहालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे भविष्य में शोध और संरक्षण के क्षेत्र में नयी संभावनाएं खुलेंगी. इस अवसर पर सनाउल्लाह, कमर सिद्दीक, वसीम हसन एवं गुलप्सा खातून उपस्थित थे.

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By SAROJ TIWARY

SAROJ TIWARY is a contributor at Prabhat Khabar.

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