जल- जंगल -जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहें : दिलीप

जल- जंगल -जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहें : दिलीप

:::हेसाबेड़ा में धूमधाम से मनाया गया सरहुल पर्व, सुख-शांति व समृद्धि की प्रार्थना हुई उरीमारी. हेसाबेड़ा बस्ती में शनिवार को सरहुल पर्व धूमधाम से मनाया गया. आयोजन की शुरुआत सरना स्थल में लगे सखुआ पेड़ के नीचे विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई. पूजा कर पाहनों ने गांव की सुख-शांति व समृद्धि की प्रार्थना की. प्रसाद का वितरण किया गया. हेसाबेड़ा के मांझी हड़ाम सीताराम किस्कू ने अतिथियों व ग्रामीणों को सखुआ फूल खोंसा. इसके बाद बाहा मिलन समारोह का आयोजन हुआ. इसमें सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए. पूरे आयोजन में पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक एकता व प्रकृति के प्रति आस्था की झलक दिखी. ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सरहुल पर्व मनाकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया. मुख्य अतिथि उरीमारी परियोजना पदाधिकारी दिलीप कुमार, विशिष्ट अतिथि थाना प्रभारी रत्थू उरांव, आरसीएमयू के क्षेत्रीय सचिव राजू यादव, विसमो सचिव महादेव बेसरा, विस्थापित नेता दसई मांझी, पंचायत समिति सदस्य गीता देवी ने प्रकृति की रक्षा पर बल दिया. परियोजना पदाधिकारी ने कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति से सीधे तौर पर जोड़ता है. हम अपने जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए हमेशा समर्पित रहें. मौके पर कंचन मांझी, लालो महतो, गणेश राम, डॉ जीआर भगत, कृष्णा सोरेन, नायके बंशी लाल पंवरिया, पूरन मांझी, कानू मरांडी, प्रदीप राम, लालो महतो, जतरू बेसरा, शिगू मांझी, शनिचर मांझी, मुनीष मांझी, मनोज हेंब्रम, मोहन मांझी, संजय यादव, रवि पंवरिया, विक्की पंवरिया, रामचंद्र मांझी, दीपक यादव, विनोद सोरेन, परमेश्वर सोरेन, सीतामुनी देवी, तेतरी देवी, सेवामुनी देवी, सुकुरमुनी देवी, गीता देवी, प्रिया टुडू उपस्थित थे.

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By SAROJ TIWARY

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