रामगढ़ जिनालय में आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान शुरू

रामगढ़ जिनालय में आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान शुरू

जैन समाज में जिनेंद्र भगवान की बह रही है भक्ति की लहर : योगेश प्रतिनिधि, रामगढ़ रामगढ़ जिनालय में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की परम विदुषी शिष्याएं संपदा दीदी और अनीता दीदी के सानिध्य में आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ गुरुवार को हुआ. सर्वप्रथम विधान के मुख्य पात्रों का चयन किया गया. ध्वजारोहण का सौभाग्य सुशील, सुनीता, चूड़ीवाल परिवार, सौधर्म इंद्र का सौभाग्य इंद्रमणि देवी व चूड़ीवाल परिवार, कुबेर इंद्र का सौभाग्य देवेंद्र व ममता गंगवाल परिवार, श्रीपाल एवं मैना सुंदरी बनने का सौभाग्य राजेंद्र व प्रिया पाटनी को प्राप्त हुआ. चयनित पात्रों का समाज की ओर से अभिनंदन किया गया. इसके बाद सभी पात्रों की शुद्धि करा कर दीदी ने मंत्रोच्चारण के साथ ध्वजारोहण कराया. ध्वजारोहण के बाद महिलाओं ने घटयात्रा करके कलश की स्थापना की. समाज के सचिव योगेश सेठी ने बताया कि सामान्यत: जैन धर्मावलंबी वर्ष में तीन बार अष्टानिका पर्व मनाते हैं. परंतु कार्तिक मास की अष्टानिका का विशेष महत्व है. उन्होंने कहा कि इस बार अष्टानिका के अवसर पर हमारे यहां दीदी का आगमन हुआ है. यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है. साध्वी दीदी के आगमन से संपूर्ण जैन समाज में जिनेंद्र भगवान की भक्ति की लहर बह रही है. संध्या काल में महाआरती, प्रश्न मंच व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किये गये. जैन समाज के श्रवण जैन ने जैन धर्मावलंबियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की. कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष राजेंद्र चूड़ीवाल के नेतृत्व में सभी कार्यकारिणी सदस्य व महिला समूह के लोग लगे हैं.

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By SAROJ TIWARY

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