घर खाली कराने के लिए पतरातू के हेसला में हाई वोल्टेज ड्रामा, मौके पर पहुंचे यशवंत सिन्हा

Patratu News: पतरातू के हेसला पंचायत में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विरोध तेज हो गया. पुलिस ने बल प्रयोग किया और पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया. लोगों ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था के घर खाली कराने पर नाराजगी जताई, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट

Patratu News: झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही, लेकिन यह अभियान अब बड़े विवाद में बदल गया है. प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. दूसरे दिन की कार्रवाई को रुकवाने के लिए पूर्व वित्त मंत्री और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा, पूर्व सांसद जयंत सिन्हा आदि घटना स्थल पर पहुंचे. नेताओं के आने के बाद प्रशासन का हाई वोल्टेज ड्रामा दिन भर चलता रहा.

दूसरे दिन भी जारी रही प्रशासनिक कार्रवाई

हेसला पंचायत में प्रशासन ने दूसरे दिन भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रखा. जेसीबी मशीनों के जरिए क्वार्टर्स और मकानों को खाली कराया जा रहा था. इस दौरान कई परिवार अपने घरों को बचाने के लिए सड़कों पर उतर आए और विरोध करने लगे. प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई को जारी रखा.

विरोध के बीच पुलिस का बल प्रयोग

स्थानीय लोगों के उग्र विरोध को देखते हुए पुलिस ने बल प्रयोग किया. प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज जैसी स्थिति बनी, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया. महिलाओं और पुरुषों दोनों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई रोकने की मांग की.

मौके पर पहुंचे पूर्व सांसद और विधायक

घटना की सूचना मिलते ही पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा और पूर्व विधायक शंकर चौधरी मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना. इसके बाद दोनों नेता उस स्थान पर पहुंचे जहां जेसीबी मशीनें चल रही थीं और अधिकारियों से सीधी बातचीत की.

यशवंत सिन्हा का आरोप: जबरन खाली कराया जा रहा घर

पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कि हेसला पंचायत के अंदर जो क्वार्टर्स हैं, उन्हें जबरदस्ती खाली कराया जा रहा है. हमारे साथियों ने बताया, तो हम यहां आए और हमने खुद देखा कि यहां क्या हो रहा है. उन्होंने कहा कि हम यहां अपने साथियों के साथ आए, तो आकलन किया. आकलन में पाया कि प्रशासन सचमुच जोर-जबरदस्ती से खाली करा रहा है. इन लोगों के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. इन लोगों को सड़क पर लाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां सरकार लोगों को घर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ जो लोग 50 साल से घर में रह रहे हैं, उन्हें निकाला जा रहा है. हम लोगों की मांग है कि पहले वैकल्पिक व्यवस्था हो और सरकार उन लोगों को आदरपूवर्क उस वैकल्पिक व्यवस्था तक ले जाए.

प्रशासनिक अधिकारियों से हुई वार्ता

मौके पर मौजूद अधिकारियों में एक्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट अंबिका कुमारी, पतरातू सीओ मनोज चौरसिया, दुलमी सीईओ किशोरी यादव, रामगढ़ सदर सीओ रबी रमेश और अन्य अधिकारी शामिल थे. नेताओं ने इन अधिकारियों से बातचीत कर कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की.

कई लोगों की गिरफ्तारी, नेताओं को भी लिया हिरासत में

विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया. गिरफ्तार होने वालों में पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा, पूर्व विधायक शंकर चौधरी समेत कई स्थानीय नेता और कॉलोनीवासी शामिल हैं. इसके अलावा प्रकाश मिश्रा, सुमन सिंह, जगतार सिंह, मुकेश पांडेय, दीपक नाथ सहाय, सुरेंद्र सिन्हा, कृष्णा सिन्हा, प्रेम बदा कुमारी सहित कई महिला-पुरुषों को भी गिरफ्तार किया गया.

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इलाके में तनाव, आगे और बढ़ सकता है विवाद

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हेसला पंचायत में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. स्थानीय लोग प्रशासन की कार्रवाई से नाराज हैं, जबकि राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण मामला और तूल पकड़ता जा रहा है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह विवाद और गहरा सकता है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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