कैमरे की नजर से: अकीदत, रंग और रोशनी... रामगढ़ में यूं मना जश्ने ईद-मिलादुन्नबी

1 / 5
कैमरे की नजर से: अकीदत, रंग और रोशनी... रामगढ़ में यूं मना जश्ने ईद-मिलादुन्नबी
फुल स्क्रीन में देखें

दोपहिया वाहन में निकाली गई ताजिया

रामगढ़ शहर में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस अकीदत और सौहार्द के साथ निकाला गया. विभिन्न मोहल्लों से निकले जुलूस में आकर्षक रोशनी से सजी मस्जिदें आकर्षण का केंद्र रहीं. यह आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक बना.

2 / 5
फुल स्क्रीन में देखें

शहर के जुलूस में शामिल ताजिया

अकीदत और सौहार्द के साथ निकला जुलूस

रामगढ़ शहर में सोमवार को पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश के मौके पर 'जश्ने ईद-मिलादुन्नबी' का जुलूस पूरे उत्साह, अकीदत और धार्मिक सौहार्द के साथ निकाला गया. इस मुबारक मौके पर पूरा शहर 'या नबी सलाम अलैका' और 'ताजदार-ए-मदीना' के नारों तथा नात-ए-पाक की सुरीली आवाज़ों से गुंजायमान हो उठा. जुलूस में शामिल लोग पारंपरिक लिबास-कुर्ता-पायजामा, सिर पर टोपी और इमामा बांधकर सलातो-सलाम पढ़ते हुए आगे बढ़ रहे थे.

3 / 5
फुल स्क्रीन में देखें

जुलूस में शामिल लोगों के इस्तकबाल के लिए लगाया गया पंडाल

मानवता, रहम और बराबरी का संदेश देता है पैगंबर साहब का जीवन

इस अवसर पर अकीदतमंदों ने बताया कि इस्लाम में हजरत मोहम्मद साहब को अंतिम पैगंबर माना गया है. उनके जीवन की पावन शिक्षाएं पूरी दुनिया को इंसानियत, आपसी भाईचारे, दया, बराबरी और अमन-चैन का पैगाम देती हैं. यही वजह है कि यह दिन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उनके दिखाए रोशन चिराग और संदेशों को अपने जीवन में उतारने व याद करने का एक विशेष अवसर है.

4 / 5
फुल स्क्रीन में देखें

चार पहिया वाहन पर निकाला गया कर आकर्षक ताजिया

विभिन्न मोहल्लों से निकला जुलूस

रामगढ़ के विभिन्न मोहल्लों और मस्जिदों से अकीदतमंदों के जत्थे मुख्य जुलूस में शामिल हुए. सौदागर मोहल्ला, नईसराय बस्ती, आजाद मोहल्ला, गोलपार, गोलपार्क जामा मस्जिद और दुसाध मोहल्ला समेत कई इलाकों से जुलूस की शुरुआत हुई. शहर के मुख्य रास्तों से गुजरते हुए जुलूस चट्टी बाजार, सुभाष चौक और लोहार टोला पहुंचा. इस दौरान "सलाम या रसूल" के नारों से पूरा फिजा रूहानी हो उठा.

5 / 5
फुल स्क्रीन में देखें

धार्मिक स्लोगन लिखे गए झंडा के साथ जुलूस में शामिल युवक

आकर्षक रोशनी से सजीं मस्जिदें

आयोजन को लेकर शहर की तमाम मस्जिदों को बेहद खूबसूरत और आकर्षक ढंग से सजाया गया था. जुलूस में शामिल लोगों ने नात-ए-पाक पढ़कर पैगंबर साहब की शान में कसीदे पढ़े और समाज में धार्मिक एकता का एक मजबूत संदेश दिया. पूरे आयोजन के दौरान रामगढ़ में आपसी भाईचारे और शांति का संदेश साफ तौर पर देखने को मिला, जिससे यह जुलूस धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता का बेमिसाल प्रतीक बनकर उभरा.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Bhagirathi mahato

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >