गोला. चित्तरंजन सेवा सदन परिसर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के वार्षिकोत्सव पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन शनिवार को श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर रहे. कथावाचक आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला पर कहा कि यह प्रसंग मानव को अहंकार त्यागने, प्रकृति का सम्मान करने, गौसेवा करने तथा ईश्वर पर अटूट विश्वास रखने की प्रेरणा देता है.
उन्होंने बताया कि जब देवराज इंद्र ने अपने अहंकार में ब्रजभूमि पर मूसलाधार वर्षा करायी, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा अंगुली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर समस्त ब्रजवासियों और गोवंश की रक्षा की. इस दौरान धनंजय दास, मोहित कुमार एवं आकाश की भजन प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. यजमान कुंवर कुमार एवं उनकी पत्नी ने पूजा-अर्चना की. चित्तरंजन सेवा सदन की संचालिका वंदना ने बताया कि मंदिर स्थापना के दस वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन स्व डॉ अजीत कुमार की प्रेरणा और संकल्प के अनुरूप किया जा रहा है.
