चैनपुर. मांडू प्रखंड की नावाडीह पंचायत में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण, रामगढ़ एवं कृषि विज्ञान केंद्र, मांडू के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल संरक्षण, पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, फसल चक्र तथा जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक किया गया. कृषि विज्ञान केंद्र, मांडू के वैज्ञानिक डॉ धर्मजीत खरवार ने कहा कि मिट्टी की उर्वरता में गिरावट, जल संकट और जलवायु परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौतियां हैं. इन चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को अपनाना होगा. मांडू प्रखंड के तकनीकी प्रबंधक धर्मजीत कुमार ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं अनुदान की जानकारी किसानों को दी. सहायक तकनीकी प्रबंधक निरंजन कुमार एवं शंकर प्रसाद ने जैव उर्वरकों तथा फसल प्रबंधन विधियों के महत्व पर प्रकाश डाला. इस अवसर पर मुखिया संजय प्रसाद, चेतलाल महतो, गोपीचंद महतो, प्यारेलाल महतो, प्रसादी महतो, उमेश महतो, प्रकाश महतो, पुनीत महतो, आशा देवी, लीला देवी, सीता देवी, पार्वती देवी, कंचन देवी, पूजा कुमारी, सरिता देवी, शोभा देवी, वीणा देवी, पूनम देवी, शांति देवी, सुमन कुमारी, सुमित्रा देवी, बसंती देवी सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित थे.
मृदा एवं जल संरक्षण पर किसानों को किया गया जागरूक
मृदा एवं जल संरक्षण पर किसानों को किया गया जागरूक
