हमारी शिक्षा प्रणाली विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध : प्रांतीय संयोजक

हमारी शिक्षा प्रणाली विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध : प्रांतीय संयोजक

रजरप्पा. रजरप्पा प्रोजेक्ट स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय शिक्षा प्रणाली, सांस्कृतिक मूल्यों एवं नैतिक शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना था. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रांतीय संयोजक महेंद्र कुमार सिंह व विशिष्ट अतिथि जिला संयोजक डॉ संजय प्रसाद सिंह, प्राचार्य उमेश प्रसाद एवं जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मनोज झा ने किया. प्रांतीय संयोजक श्री सिंह ने कहा कि हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध रही है. आज आवश्यकता है कि हम अपनी जड़ों से जुड़ कर आधुनिकता के साथ संतुलन बनाये. कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ संजय प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ छात्रों के संपूर्ण विकास के लिए चारित्रिक, मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक ज्ञान की आवश्यकता है. प्राचार्य ने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न अभियानों की सराहना की. कार्यक्रम का संचालन आचार्या गायत्री कुमारी व धन्यवाद ज्ञापन बच्चूलाल तिवारी ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य अमरदीप नाथ शाहदेव, शम्मी राज, डॉ गायत्री पाठक, अंजली कुमारी, अनिल कुमार त्रिपाठी, शशि कांत, शेखर कुमार, ज्योति राजहंस, अनूप झा, अमित झा, दिलीप सिंह मौजूद थे.

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Published by: Saroj tiwary

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