कैथा में देवस्नान के बाद अज्ञातवास में गये भगवान जगन्नाथ

कैथा में देवस्नान के बाद अज्ञातवास में गये भगवान जगन्नाथ

रामगढ़. रामगढ़ के कैथा स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर में बुधवार को भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा को देवस्नान कराया गया. यह रस्म रथ यात्रा से पूर्व की महत्वपूर्ण और पारंपरिक आयोजन है. इसके बाद भगवान 15 दिन के लिए अज्ञातवास में चले जायेंगे. कैथा जगन्नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी डॉ बीएन चटर्जी ने बताया कि देवस्नान पूर्णिमा: पवित्र स्नान व अज्ञातवास की शुरुआत है. आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन देवस्नान के दिन भगवान को उनके गर्भगृह से बाहर लाकर स्नान मंडप पर विराजमान किया जाता है. यहां भी पुरी की परंपरा को निभाते हुए जगन्नाथ भगवान को 108 घड़ों के सुगंधित और औषधीय जल से स्नान कराया गया. यह जल विशेष रूप से औषधीय जड़ी-बूटियों व फूलों से तैयार किया जाता है. यह भगवान को शीतलता प्रदान करने व उन्हें यात्रा के लिए तैयार करने का प्रतीक है. मान्यता है कि अधिक स्नान के कारण भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं. इस स्थिति को ज्वर (बुखार) या अस्वस्थता के रूप में देखा जाता है. इस अवधि में भगवान को भक्तों के दर्शन से दूर एकांतवास में रखा जाता है. इस 15 दिवसीय अवधि को अज्ञातवास कहा जाता है. इस दौरान भगवान का विशेष रूप से उपचार किया जाता है. उन्हें मंदिर के राजवैद्य द्वारा तैयार आयुर्वेदिक काढ़ा और औषधियों का सेवन कराया जाता है. इस समय भक्तों को भगवान के प्रत्यक्ष दर्शन प्राप्त नहीं होते हैं. वर्ष 1960 में भगवान जगन्नाथ की पूजा शुरू की गयी : श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के सचिव संतोष महतो ने बताया कि यह पुरातन परंपरा का निर्वाह है. वर्ष 1960 में भगवान जगन्नाथ की पूजा शुरू की गयी. बताया कि यह अनुष्ठान कैथा के जगन्नाथ मंदिर की वर्षों पुरानी परंपरा व सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. बताया कि यह अज्ञातवास रथ यात्रा के लिए तैयार करने का एक आध्यात्मिक चरण है. भगवान 11 जून से 25 जून तक अज्ञातवास में रहेंगे. इस अवधि में मंदिर के पट भक्तों के लिए बंद नहीं होते हैं, लेकिन गर्भगृह में भगवान के दर्शन नहीं होते हैं. 25 जून को नेत्रोत्सव का अनुष्ठान होगा. इसमें भगवान की नयी आंखें बनायी जाती हैं. वह पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर पुनः भक्तों को दर्शन देने के लिए तैयार होते हैं. देवस्नान पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी डॉ बीएन चटर्जी, वार्ड 26 के पार्षद देवधारी महतो, समिति के कोषाध्यक्ष कुलदीप कुमार महतो, आशुतोष चटर्जी, पारितोष चटर्जी, राजकुमार महतो, राजेश महतो, संजय करमाली, शिव कुमार, देवलाल महतो, सुरेश करमाली, चुनीलाल महतो, संदीप महतो, मुकेश महतो, सुकर महतो, राजेश महतो, अजय आस्था, प्रेम महतो, चंदन कुमार, नीतीश कुमार, यश प्रीत, सत्येंद्र कुमार डब्ल्यू, राजकुमार महतो, संजय महतो, सरजू महतो उपस्थित थे.

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Published by: Saroj tiwary

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