रामगढ़: ‘पहले अधिकार, फिर अधिग्रहण’, सौंदा बस्ती के रैयतों ने सीसीएल के सामने रखीं मांगों की लंबी फेहरिस्त

सौंदा डी परियोजना को लेकर विस्थापित समिति ने सीसीएल प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगें रखीं, जिसमें ग्रामसभा और उचित मुआवजे की मांग प्रमुख है।

भुरकुंडा: रैयत खतियानी विस्थापित प्रभावित एससी-एसटी समिति सौंदा बस्ती ने बुधवार को सौंदा डी परियोजना पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपा. समिति ने परियोजना शुरू करने से पहले ग्रामसभा कराने सहित विस्थापित और प्रभावित रैयतों के हित में कई मांगें रखीं.

समिति ने सौंदा डी स्थित डाकघर, सरकारी स्कूल, पंजाब नेशनल बैंक की शाखा और सौंदा डी पीओ कार्यालय को सौंदा बस्ती में स्थानांतरित करने की मांग की. साथ ही संयुक्त सर्वे का काम सीसीएल, रैयत, अंचल अमीन और राजस्व कर्मचारियों की मौजूदगी में कराने की बात कही. समिति ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने और रैयतों को लिखित रसीद उपलब्ध कराने की भी मांग की.

मुआवजे और नियोजन की लिखित गारंटी की मांग

समिति ने भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजे की लिखित गारंटी देने की मांग की. इसके अलावा दो एकड़ सिंचित और असिंचित भूमि के बदले एक स्थायी नियोजन देने की मांग रखी गयी. पक्के-कच्चे मकान, कुआं, बोरवेल, चापाकल, मंदिर तथा फलदार और इमारती पेड़ों का अलग-अलग मूल्यांकन कर जमीन खाली कराने से पहले भुगतान करने की मांग की गयी.

समिति ने कहा कि यदि पूरा गांव या टोला विस्थापित होता है, तो जमीन खाली कराने से पहले सड़क, नाली, बिजली, पानी, स्कूल, खेल मैदान, सामुदायिक भवन, मंदिर और सरना स्थल जैसी बुनियादी सुविधाएं बहाल की जानी चाहिए.

स्थानीय विस्थापित युवाओं को काम में प्राथमिकता

समिति ने खदान में संचालित निजी ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों, ड्रिलिंग, लोडिंग, सुरक्षा गार्ड और कैंटीन सहित अन्य कार्यों में शत-प्रतिशत स्थानीय विस्थापित एवं प्रभावित युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग की.

मांग पत्र सौंपने वालों में समिति के अध्यक्ष जीतराम मुंडा, सचिव पवन बाउरी, अमर बाउरी, अनूप बाउरी, मानस मुंडा, बंटी बाउरी, रमेश मुंडा, प्रवीण बाउरी, धर्मवीर भुइयां, प्रदीप बाउरी, गुड्डू बाउरी, राजेश प्रजापति, सूरज साव, लालू कुमार, सुरेंद्र मुंडा समेत अन्य लोग शामिल थे.


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लेखक के बारे में

By मोहम्मद इस्लाम

मोहम्मद इस्लाम वर्ष 2008 से प्रभात खबर से जुड़े हैं. वह पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. समाचार संकलन के दौरान जनसरोकार से जुड़े मुद्दों, सामाजिक गतिविधियों तथा क्षेत्रीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रयासरत हैं.

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