भुरकुंडा. सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र की मजदूर कॉलोनियों की बदहाल स्थिति को लेकर सिटू ने सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मजदूरों के जर्जर आवास की मरम्मत, नालियों की सफाई और नियमित शुद्ध पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर यूनियन ने महाप्रबंधक बरका-सयाल को पत्र सौंपा है.
16 दिन बीत जाने के बाद भी कोई पहल नहीं
सिटू के एरिया सचिव रामनरेश सिंह की ओर से सौंपे गये पत्र में कहा गया है कि 5 सितंबर को महाप्रबंधक के साथ मौखिक वार्ता हुई थी. उस दौरान समस्याओं के जल्द समाधान का सकारात्मक आश्वासन दिया गया था. यूनियन का आरोप है कि 16 दिन बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है. इसके बाद कुछ मजदूरों ने सीसीएल मुख्यालय के कॉल सेंटर में भी शिकायत दर्ज करायी है.
छत से टपक रहा पानी, नालियां महीनों से जाम
यूनियन ने पत्र में मजदूरों की तीन प्रमुख समस्याओं को उठाया है. इनमें बरका-सयाल क्षेत्र के जर्जर क्वार्टरों की तत्काल मरम्मत, महीनों से जाम नालियों की सफाई और कॉलोनियों में नियमित शुद्ध पेयजल आपूर्ति शामिल है. सिटू के अनुसार रिवरसाइड, भुरकुंडा और सयाल की सैकड़ों कॉलोनियों में कई मजदूर आवासों की छत से पानी टपक रहा है. वहीं नालियों की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
चार माह से रिवरसाइड में जलापूर्ति बाधित
रामनरेश सिंह ने कहा कि रिवरसाइड पंचायत में पिछले चार माह से जलापूर्ति ठप है. उनके अनुसार पतरातू फिल्टर प्लांट में मोटर और पाइप खराब हैं. वहीं तीन नंबर पोखरिया में तीन पंपों की जगह एक ही पंप से छह कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति की जा रही है. इससे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने सीसीएल प्रबंधन से जल्द कार्रवाई का आदेश जारी कर मजदूरों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो मजदूर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी.
