चाइना कब्रिस्तान में सैनिकों को दी गयी श्रद्धांजलि

चाइना कब्रिस्तान में सैनिकों को दी गयी श्रद्धांजलि

बरकाकाना. जिले के बुजुर्ग जमीरा स्थित चाइना कब्रिस्तान में ताइवान एबेंसी के ताइपे इकोनॉमी एंड कल्चर सेंटर, नयी दिल्ली का दल शुक्रवार को चाइना कब्रिस्तान पहुंचा. इसमें मिस्टर एरीक, मिस्टर वांग, मिसेज शॉ, डेविड चेन शामिल थे. चाइना कब्रिस्तान पहुंचने पर दल ने ध्यान स्थल पर कैंडल व अगरबत्ती जला कर द्वितीय विश्व युद्ध में मृत सैनिकों को याद कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. कब्रिस्तान क्षेत्र में चल रहे रिपेयर व सुंदरीकरण कार्यों का निरीक्षण कर संवेदक को निर्देश दिया. गौरतलब हो कि 1942-1945 तक हुए विश्व युद्ध के समय चाइना के लगभग एक लाख लोग भारत आये थे. उस समय रामगढ़ में सितंबर 1942 से अक्तूबर 1943 के बीच 13 माह तक सैनिकों को युद्ध के लिए विशेष ट्रेनिंग दी गयी. इस दौरान विभिन्न कारणों से ट्रेनिंग कर रहे सैनिकों की मौत हो गयी थी. इसके बाद बरकाकाना-पोचरा के निकट बुजुर्ग जमीरा में 670 सैनिकों को दफना दिया गया. इसके बाद इसका नाम चाइना कब्रिस्तान रखा गया. यहां मेजर जनरल वांग की भी कब्रगाह है. बताया गया कि प्रत्येक वर्ष मार्च तथा सितंबर माह में व ताइवान आर्मी डे के अवसर पर ताइवान अपनी सैनिकों की याद में उनके सम्मान के लिए चाइना कब्रिस्तान पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं.

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