उरीमारी (रामगढ़). सीसीएल की बिरसा परियोजना में काम करने वाले ड्रिल ऑपरेटर सुरेंद्र यादव का निधन हो गया. मंगलवार रात दूसरी शिफ्ट में ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक काफी बिगड़ गयी. उन्हें तुरंत भुरकुंडा स्थित सीसीएल अस्पताल ले जाया गया. वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी.
अस्पताल पहुंचते ही परिजनों और श्रमिक नेताओं की जुटी भीड़
सुरेंद्र यादव सेंट्रल सौंदा क्लब घर कॉलोनी में रहते थे. उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं. निधन की खबर मिलते ही रात में परिजन और विभिन्न श्रमिक संगठनों के नुमाइंदे अस्पताल पहुंचे. यह खबर सुनकर परिवार का गम असहनीय हो गया, पत्नी और बच्चों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे.
छोटे बेटे को मिला कार्यग्रहण का अंतरिम पत्र
इस मामले में श्रमिक संगठन के नुमाइंदों की पहल पर सीसीएल प्रबंधन ने नियमों के मुताबिक बुधवार को सुरेंद्र यादव के छोटे बेटे रिंटू कुमार यादव को कार्यग्रहण का अंतरिम पत्र दे दिया. लेटर मिलने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल रामगढ़ भेज दिया गया.
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प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यग्रहण का अंतरिम पत्र देने के मौके पर बिरसा परियोजना के मैनेजर पर्सनल विकास रंजन, विंध्याचल बेदिया, वासुदेव साव, अशोक शर्मा, शंभु प्रसाद सिंह, हरिनाथ महतो, संजय मिश्रा, अशोक गुप्ता, रामाकांत दुबे, संजय वर्मा, बैजनाथ राय, केदार राम और गुलजार समेत अन्य लोग मौजूद थे.
श्रमिक नेताओं ने कहा, "सुरेंद्र यादव का जाना हम सबके लिए एक बड़ी क्षति है. उन्होंने हमेशा मजदूरों के हक़ की लड़ाई लड़ी. हम प्रबंधन से मांग करते हैं कि उनके परिवार को पूरा सहयोग दिया जाए."
एक सीसीएल प्रबंधन अधिकारी ने कहा, "यह एक दुखद घटना है. कंपनी सुरेंद्र यादव के परिवार के साथ खड़ी है और नियमानुसार उन्हें हर संभव मदद की जाएगी. हमने आज उनके बेटे को अंतरिम कार्यग्रहण पत्र भी दे दिया है."
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