फिरोज खान की रिपोर्ट
रामगढ़ : रामगढ़ के मांडू प्रखंड के किमो पंचायत अंतर्गत हरली गांव की निवासी अनीता देवी ने सपोर्ट स्वयं सेमी संस्था के सहयोग से आजीविका के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल पेश की है. कभी छोटी जोत की खेती और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर रहने वाला उनका परिवार आज बकरी पालन और पोषण आधारित खेती से आर्थिक रूप से सशक्त बन चुका है.
सपोर्ट संस्था ने दिया प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग
सपोर्ट संस्था द्वारा संचालित फूड न्यूट्रिशन एंड इनकम एन्हांसमेंट प्रोजेक्ट के तहत अनीता देवी को वैज्ञानिक बकरी पालन, टीकाकरण, पशु प्रबंधन तथा पोषण वाटिका विकसित करने का प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग दिया गया. प्रशिक्षण के बाद उन्होंने बकरी पालन के साथ घर के समीप पोषण वाटिका एवं नैनो ऑर्चर्ड विकसित किया, जिसमें पपीता, परवल सहित कई पौष्टिक फसलों की खेती शुरू की.
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प्रतिवर्ष कमा रही हैं 75 हजार से 84 हजार रुपये
इस पहल से परिवार को पौष्टिक आहार मिलने लगा, वहीं अतिरिक्त उत्पादन की बिक्री से आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई. बकरी पालन और नैनो ऑर्चर्ड से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 75 हजार से 84 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने लगी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई. आज अनीता देवी न केवल अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर रही हैं, बल्कि उनकी सफलता से गांव की अन्य महिलाएं भी बकरी पालन और पोषण वाटिका को आजीविका का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित हो रही हैं. ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में यह पहल एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है.
