विद्युत कर्मचारी, पदाधिकारी व अभियंताओं की सेवा शर्तों की अनदेखी पतरातू.पीटीपीएस के संचालन व उत्पादन क्षमता विस्तार के लिए एनटीपीसी के साथ एमओयू करना झारखंड सरकार का पूर्वाग्रह निर्णय है. यह निर्णय उपभोक्ताओं व झारखंड राज्य के हित में नहीं है. उक्त बातें झारखंड ऊर्जा कर्मचारी, पदाधिकारी व पेंशनधारी मंच के संयोजक निरंजन लाल ने विज्ञप्ति जारी कर कही. उन्होंने कहा कि इसमें विद्युत कर्मचारी, पदाधिकारी व अभियंताओं की सेवा शर्तों की अनदेखी की गयी है. उन्होंने कहा कि पीटीपीएस के बाद तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड को भी एनटीपीसी के हाथों सौंपे जाने की चर्चा है. इससे स्पष्ट है कि बिजली के लिए राज्य को केंद्र सरकार पर निर्भर रखने का यह सरकारी फैसला है. इस फैसले से यहां की जनता चिंतित व असंतुष्ट है. इस निर्णय के विरोध में मंच के प्रमुख सदस्यों की बैठक में सभी मुद्दों व बिंदुओं पर विचार किया गया है. उन्होंने कहा कि पीटीपीएस का एनटीपीसी के हाथों अधिग्रहण के बाद भी उत्पादन में सुधार व बिजली सस्ती नहीं हुई तो इसकी जवाबदेही सरकार पर होगी. मौके पर गुरुनारायण पांडेय, राजनाथ सिंह, कौशलेंद्र कुमार, राम प्रसाद ठाकुर, छेदामी प्रसाद, विरेंद्र कुमार सिंह आदि उपस्थित थे.
एनटीपीएस को सौंपना सरकार का पूर्वाग्रह : निरंजन
विद्युत कर्मचारी, पदाधिकारी व अभियंताओं की सेवा शर्तों की अनदेखी पतरातू.पीटीपीएस के संचालन व उत्पादन क्षमता विस्तार के लिए एनटीपीसी के साथ एमओयू करना झारखंड सरकार का पूर्वाग्रह निर्णय है. यह निर्णय उपभोक्ताओं व झारखंड राज्य के हित में नहीं है. उक्त बातें झारखंड ऊर्जा कर्मचारी, पदाधिकारी व पेंशनधारी मंच के संयोजक निरंजन लाल ने […]
