रामगढ़ : एसटी 20/18 गोला थाना कांड संख्या 13/07 के मामले में एडीजे वन बबिता प्रसाद की अदालत ने दोषी करार दिये गये रामजतन मांझी को यौन शोषण के मामले में 10 वर्षों के कठोर कारावास व तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना नहीं देने पर दो माह का साधारण कारावास अतिरिक्त दोषी को भुगतना होगा. मामला गोला प्रखंड के ग्राम जराडीह संग्रामपुर का है.
जिसमें रामजतन मांझी ने युवती को शादी का प्रलोभन देकर तीन वर्षों तक लगातार यौन शोषण किया. जब युवती द्वारा शादी के लिए दबाव बनाया जाने लगा तो रामजतन ने इंकार कर दिया. इस मामले में न्यायालय ने आठ गवाहों के बयान दर्ज किये. इनके अलावा मेडिकल जांच करने वाले डा सुभाष प्रसाद की भी गवाही ली गयी.
साथ ही इस मामले के अनुसंधान कर्ता एसआई विनय कुमार मंडल द्वारा न्यायालय में घटना से संबंधित साक्ष्य व अनुसंधान रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया. सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय द्वारा रामजतन मांझी को दोषी ठहराते हुये सजा सुनायी. इस मामले में सरकार की ओर से एपीपी एसके शुक्ला ने पक्ष रखा था.
