परिचितों व दुश्मनों के यहां डाका डालता था आफताब गैंग
क्रिकेट की सट्टेबाजी में लगाता था डकैती का पैसा
एक डकैत को पतरातू पुलिस ने भेजा जेल
पतरातू : पतरातू के हफुआ में सात फरवरी को असगर अली के घर में हुए डकैती कांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है. इस डकैती को अंजाम देने के लिए प्लेन से डकैतों का सरगना आफताब व उसका दोस्त प्लेन से आया था. यह खुलासा डकैती कांड में शामिल मनीष लोहरा की गिरफ्तारी के बाद हुआ है. पुलिस ने मनीष को उसके घर चान्हों थाना क्षेत्र के पिपटीटोला से गिरफ्तार किया है. पतरातू थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि इस डकैती में पिपटीटोला का छोटू लोहरा, मनमोहन लोहरा, मांडर का राहुल मल्हार व सुनील मल्हार के साथ एक अन्य भी शामिल था. गैंग को आफताब व उसका दोस्त लीड कर रहा था. गैंग ने एक महीने के अंदर तीन बड़ी डकैती कांड को अंजाम दिया है. गैंग ने पिपरवार थाना क्षेत्र में 10 जनवरी को नौ लाख का डाका डाला था.
सात फरवरी को हफुआ में डाका डालने के तुरंत बाद 10 फरवरी को पिपरवार थाना क्षेत्र में ही 10 लाख का डाका डाला था. सभी घटनाओं को अंजाम देने दिल्ली से आफताब अपने एक दोस्त के साथ नाइट प्लेन के साथ आता था. पहले से तय घर को निशाना बनाता था. फिर उसके अगले दिन आफताब व उसका दोस्त प्लेन से ही वापस दिल्ली चला जाता था. इसके कारण पुलिस को इस गैंग का कोई सुराग नहीं मिल पाता था. पिपरवार डकैती के हिस्से में मनीष को 90 हजार रुपया व एक टैब मिला था.
पुलिस ने उक्त टैब को बरामद कर लिया है. पुलिस ने मनीष को जेल भेज दिया है. इस गैंग में शामिल चार डकैत राहुल मल्हार, सुनील लोहरा, मनमोहन लोहरा व छोटू लोहरा को एक सप्ताह पूर्व चान्हो पुलिस आर्म्स एक्ट में जेल भेज चुकी है. अब भी पुलिस के रडार से सरगना पिपरवार के न्यू मगरदहा निवासी आफताब व उसका दोस्त बाहर है. हालांकि, पुलिस को उसके यूपी में होने का ट्रेस मिला है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंस्पेक्टर सुरेश मिंज व थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह शामिल थे.
परिचितों व दुश्मनों के
यहां डालता था डकैती
पुलिस ने बताया कि आफताब व मनीष की रांची जेल में दोस्ती हुई थी. बाहर आकर दोनों ने गैंग बना लिया. आफताब गैंग परिचितों व दुश्मनों के यहां ही डकैती करता था. हफुआ के असगर अली के यहां काफी दिनों तक काम के सिलसिले में आफताब कभी रहा था. वह घर की स्थिति से परिचित था. इसी तरह पिपरवार में जिस कोयला लिफ्टर के यहां उसके डकैती थी, उससे उसकी पुरानी दुश्मनी थी. डकैती के साथ उसकी हत्या की योजना थी. लेकिन डकैती के दिन लिफ्टर घर पर नहीं था. इसलिए वह बच गया. आफताब डकैती का पैसा दिल्ली जाकर क्रिकेट के सट्टेबाजी में लगाता था. आफताब की तलाश झारखंड के कई जिलों की पुलिस को है.
