रांचीः सीआरपीएफ की रैफ बटालियन की इंटरनल ऑडिट पार्टी में कथित घूसखोरी के नेटवर्क की जांच सीबीआई ने तेज कर दी है. रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए लेखा अधिकारी सोनू कुमार से पूछताछ के बाद वरीय लेखा अधिकारी संतोष कुमार की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है. सीबीआई ने संतोष कुमार के पटना स्थित आवास पर छापेमारी कर 60 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं. वहीं, संतोष के मोबाइल और लैपटॉप की जांच में कई संदिग्ध चैट और डिजिटल डेटा मिलने की बात सामने आई है.
डिलीट चैट और डेटा रिकवर कर रही सीबीआई
सीबीआई के अनुसार, सोनू कुमार की गिरफ्तारी के बाद संतोष कुमार ने उससे जुड़े चैट और अन्य डेटा डिलीट कर दिए थे. तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा रहा है और उसकी जांच की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, जांच में संतोष की भूमिका से जुड़े कुछ अहम साक्ष्य मिले हैं. उसकी गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है.
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सीबीआई अब पूरी ऑडिट टीम की भूमिका के साथ कथित वसूली के नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है. पटना स्थित आवास पर संतोष कुमार के नहीं मिलने के बाद सीबीआई की दूसरी टीम उसकी तलाश में ओडिशा के कालाहांडी पहुंची. वहां संतोष से पूछताछ की गयी और उसका मोबाइल जब्त कर लिया गया.
14 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया था सोनू
रैफ बटालियन, जमशेदपुर के हवलदार राकेश कुमार सिंह की शिकायत पर सीबीआई ने 16 सितंबर को मामला दर्ज किया था. शिकायत के अनुसार, इंटरनल ऑडिट के दौरान हवलदार पर 1.99 लाख रुपए से अधिक के एचआरए की रिकवरी निकली थी. इस रिकवरी से बचाने के एवज में लेखा अधिकारी सोनू कुमार ने 50 हजार रुपए की मांग की थी. बाद में सौदा 40 हजार रुपए में तय हुआ.
सत्यापन के बाद डीएसपी कुलदीप के नेतृत्व में सीबीआई की टीम ने पटना में जाल बिछाया. इसी दौरान सोनू कुमार को 14 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर सीबीआई ने वरीय लेखा अधिकारी संतोष कुमार की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है.
