रांची: झारखंड प्रदेश पंचायत सहायक संघ ने पंचायत सहायकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और आठ सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रदीप कुमार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में पंचायत सहायकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया गया है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें, इस ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य सरकार ग्राम पंचायतों को सुदृढ़, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रही है. पंचायत सहायक सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभुकों का डाटाबेस तैयार करने, जागरूकता अभियान, सामाजिक सहभागिता एवं मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर रहे हैं. इसके बावजूद पंचायत सहायकों को अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.
संघ ने कहा कि वर्तमान में मिलने वाली ₹2500 की प्रोत्साहन राशि से परिवार का भरण-पोषण करना महंगाई के दौर में अत्यंत कठिन हो गया है. आर्थिक तंगी के कारण पंचायत सहायकों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. संघ ने मुख्यमंत्री से 8 सूत्री मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है.
प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता, सम्मानजनक मानदेय लागू करना, प्रत्येक वर्ष ग्रामसभा अनुमोदन की अनिवार्यता समाप्त करना, पंचायत सचिव भर्ती में 70 प्रतिशत आरक्षण, मृत पंचायत सहायकों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति, नगर निगम एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में समायोजन, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा का लाभ तथा पंचायत सहायकों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सेल का गठन शामिल है.
संघ के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रदीप कुमार ने मुख्यमंत्री से पंचायत सहायकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर मांगों को शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार पंचायत सहायकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो राज्यभर के पंचायत सहायकों में उत्साह का संचार होगा और वे ग्राम विकास के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेंगे.
