जकात को है अल्लाह की इबादत का दर्जा

शुक्रवार को पलामू जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के मस्जिदों में पूरी अकीदत के साथ जुम्मा की नमाज अदा की गयी.

मेदिनीनगर. मुसलमानों के पवित्र रमजान माह के दूसरे जुम्मे की नमाज हुई. शुक्रवार को पलामू जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के मस्जिदों में पूरी अकीदत के साथ जुम्मा की नमाज अदा की गयी. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अमन चैन के लिए दुआ की. मस्जिद प्रबंधन ने नमाजियों के बैठने सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था की थी. जिला मुख्यालय के छह मुहान स्थित जामा मस्जिद, बाजार स्थित छोटी मस्जिद, पहाड़ी मुहल्ला स्थित नूरी मस्जिद, कुंड मुहल्ला स्थित मिल्लत मस्जिद, मुस्लिम नगर स्थित मदीना मस्जिद, अहले हदीस मस्जिद, मोहम्मदिया मस्जिद, नावाटोली स्थित मस्जिद ए हेरा सहित जिले के सभी मस्जिदों में जुम्मे की नमाज अदा की गयी. छह मुहान स्थित जामा मस्जिद में पेश इमाम मुफ्ती मोहम्मद शाहनवाज कासमी ने तकरीर के दौरान रमजान माह में रोजा की अहमियत के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि सभी मुसलमानों को रमजान माह में निश्चित रूप से रोजा रखना चाहिये. रमजान माह में जकात निकालने का खास मकशद है. अल्लाह ताला ने अपने बंदों के लिए नमाज एवं रोजा के समान ही जकात को भी फर्ज किया है. जकात को अल्लाह की इबादत का दर्जा दिया गया है. अल्लाह का यह हूक्म है कि जकात को गरीबों, मिस्किनों और जरूरतमंदों के बीच वितरण किया जाय. उन्होंने कहा कि जो आर्थिक रूप से संपन्न हैं उनके लिए जकात फर्ज है. अपनी कमाई का एक निश्चित हिस्सा जकात के रूप में निकालना चाहिए व समाज के गरीब व बेसहारा की मदद करनी चाहिये. छोटी मस्जिद के मौलाना जुबेर अहमद बरकाती ने सभी मालदारों को निश्चित रूप से जकात अदा करने की जरूरत बताया. कहा कि इससे आय में वृद्धि होती है और इससे बेशुमार सवाब मिलता है.

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Published by: Satyaprakash pathak

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