पलामूः चैनपुर प्रखंड की महुगांवा पंचायत के सोनपुरवा गांव स्थित हरिजन टोला में जर्जर जलमीनार ग्रामीणों के लिए खतरे का सबब बनी हुई है. करीब एक हजार से अधिक आबादी वाले इस इलाके के बीचोंबीच स्थित जलमीनार के लोहे के सपोर्टिंग एंगल और ढांचे में जगह-जगह जंग लग गयी है. जलमीनार से जुड़े तार भी खराब स्थिति में हैं. लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार जर्जर होती जा रही है.
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जलमीनार के पास से गुजरने में बना रहता है खतरा
जलमीनार की जर्जर स्थिति को देखकर ग्रामीणों में कभी भी हादसा होने की आशंका बनी रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि जलमीनार के लोहे के हिस्से कमजोर हो चुके हैं. यदि इसका कोई हिस्सा टूटकर नीचे गिरता है, तो उसकी चपेट में आने से गंभीर हादसा हो सकता है. आबादी के बीच जलमीनार होने के कारण खतरा और बढ़ गया है. इसके आसपास ग्रामीणों का दिनभर आना-जाना लगा रहता है. पानी लेने के लिए भी लोग यहां पहुंचते हैं. ऐसे में जर्जर ढांचे के नीचे से गुजरते समय ग्रामीणों को हमेशा अनहोनी की चिंता सताती रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग को किसी दुर्घटना के बाद जागने के बजाय पहले ही जलमीनार की स्थिति की जांच करानी चाहिए.
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विभाग को गंभीरता से लेने की जरूरत
ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार का नियमित रखरखाव नहीं होने के कारण लोहे के हिस्सों में तेजी से जंग फैल रही है. खराब तारों की वजह से भी खतरा बना हुआ है. ग्रामीणों ने जलमीनार की तकनीकी जांच कराने, जर्जर हिस्सों को दुरुस्त करने, खराब तारों को बदलने और आसपास सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी आबादी की सुरक्षा को देखते हुए मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है. समय रहते जलमीनार की मरम्मत नहीं करायी गयी, तो किसी भी समय जर्जर हिस्सा टूटकर गिर सकता है और बड़ी दुर्घटना हो सकती है. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.
