पलामू. रेहला थाना क्षेत्र के तोलरा गांव में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश है. चोरी की घटनाओं पर पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट ग्रामीणों ने शुक्रवार को तोलरा स्थित विष्णु मंदिर परिसर में आपात बैठक की. बैठक में तोलरा और लालगढ़ पंचायत के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. इस दौरान लगातार हो रही चोरी और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई गई.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
ग्रामीणों ने रेहला पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चोरी की घटनाओं के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार, इंस्पेक्टर सुनील तिवारी के घर चोरी की घटना के बाद तोलरा स्टेशन से तीन संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था. ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की और उन्हें छोड़ दिया गया. ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से लोगों में पुलिस के प्रति असंतोष बढ़ रहा है. उन्होंने चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की.
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एक साल में दो दर्जन से अधिक चोरी का दावा
बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान अकेले तोलरा गांव में दो दर्जन से अधिक चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं. ग्रामीणों का दावा है कि अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं हो सका है. ग्रामीणों ने कहा कि लगातार चोरी की घटनाओं और मामलों का उद्भेदन नहीं होने से चोरों का मनोबल बढ़ रहा है. उन्होंने पुलिस से चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और पूर्व में हुई घटनाओं के आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की.
डीसी-एसपी से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
बैठक में निर्णय लिया गया कि चोरी की लगातार हो रही घटनाओं को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल पलामू उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेगा. प्रतिनिधिमंडल पूरे मामले की शिकायत अधिकारियों से करेगा. इसके अलावा मुख्यमंत्री और डीजीपी को भी पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने और कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया गया. बैठक में मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष रोहित तिवारी, लालगढ़ मुखिया धर्मेंद्र चौधरी, पंचायत समिति सदस्य सूरजमल राम, तुलसी तिवारी, पूर्व पंसस रासबिहारी तिवारी, सच्चिदानंद तिवारी, प्रेमशंकर तिवारी, सूर्यदेव तिवारी, अनिल तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
