पीढ़ियों से गांव में रह रहे, फिर भी खतियान के अभाव में नहीं बन रहा स्थानीय प्रमाण पत्र

जिला परिषद सदस्य रीना देवी ने खतियान की अनुपलब्धता के कारण स्थानीय प्रमाण पत्र बनने में आ रही परेशानी को उजागर किया है. उन्होंने ग्राम सभा के माध्यम से इस समस्या के समाधान का सुझाव दिया है.

नावाबाजार. जिला परिषद सदस्य रीना देवी ने कहा कि खतियान उपलब्ध नहीं होने के कारण कई लोगों का स्थानीय प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है. इससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि कई परिवारों के पास अपने या पूर्वजों के नाम का खतियान उपलब्ध नहीं है.

ऐसे परिवार पीढ़ियों से संबंधित गांव में निवास करते आ रहे हैं, लेकिन खतियान नहीं होने के कारण उन्हें स्थानीय प्रमाण पत्र प्राप्त करने में परेशानी हो रही है. रीना देवी ने कहा कि ग्राम सभा के माध्यम से वास्तविक निवास और स्थानीय पहचान का सत्यापन कराया जाना चाहिए. इसके बाद पात्र लोगों को नियमानुसार स्थानीय प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सभा आयोजित कर ऐसे परिवारों की पहचान की जाये. उनके लंबे समय से गांव में रहने की स्थिति का सत्यापन कराया जाये. मुखिया के नेतृत्व में होने वाली ग्राम सभा में संबंधित पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और पंचायत के गणमान्य लोगों को शामिल किया जाये.

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By चंद्रशेखर सिंह

चंद्रशेखर सिंह प्रभात खबर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने लंबे समय से पत्रकारिता करियर में क्राइम, सामाजिक मुद्दों और राजनीति से जुड़े विषयों पर व्यापक रूप से काम किया है. मेदिनीनगर (पलामू) में जमीनी स्तर की पत्रकारिता में इनकी खास पकड़ रही है. समाज से जुड़े महत्वपूर्ण और अनदेखे मुद्दों को सामने लाने, आम लोगों की समस्याओं को आवाज देने और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के लिए वह जाने जाते हैं. अपराध और राजनीति से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक बदलाव और जनहित के मुद्दों पर भी लगातार काम किया है. क्राइम रिपोर्टिंग, सामाजिक सरोकार और राजनीतिक पत्रकारिता उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं. तीन दशकों के अनुभव के दौरान उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य और पत्रकारिता के तौर-तरीकों को करीब से देखा और समझा है. उनकी पत्रकारिता में जमीनी अनुभव, सामाजिक मुद्दों की समझ और तथ्यपरक रिपोर्टिंग को विशेष महत्व मिलता है.

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