‘योजना चाहिए तो कमीशन दो’, पाटन में पंचायत समिति की बैठक में जमकर हंगामा

पलामू के पाटन प्रखंड पंचायत समिति की बैठक में कमीशनखोरी को लेकर भारी हंगामा हुआ. सदस्यों ने प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाते हुए योजनाओं में पारदर्शिता की मांग की.

रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट

पाटन (पलामू): जिले के पाटन प्रखंड कार्यालय में शनिवार को प्रमुख शोभा देवी की अध्यक्षता में प्रखंड पंचायत समिति की बैठक हुई. बैठक काफी हंगामेदार रही. पंचायत समिति सदस्यों ने प्रमुख पर योजनाओं के आवंटन को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए. पंसस ने आरोप लगाया कि प्रमुख को योजना के साथ-साथ 10 प्रतिशत कमीशन भी चाहिए. सदस्यों ने कहा कि प्रमुख भी एक पंचायत समिति सदस्य हैं. ऐसे में उनके पंचायत में अधिक योजनाएं क्यों दी जाएं. सभी पंचायतों का बराबर हक और अधिकार है और वे भी चुनाव जीतकर आए हैं.

योजनाओं में 30 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप

पंसस ने बैठक में आरोप लगाया कि योजनाओं में 30 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता है. सदस्यों का कहना था कि यदि योजनाओं में इतना कमीशन लिया जाएगा, तो धरातल पर विकास कार्य कैसे होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य शुरू होने से पहले ही 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती है. सदस्यों के अनुसार, प्रमुख द्वारा इसी व्यवस्था का फायदा उठाया गया. जिस पंसस ने पहले कमीशन नहीं दिया, उसके क्षेत्र में योजना नहीं दी गई. एक पंसस ने बैठक में कहा कि पहले ही कमीशन दे दिया जाए और योजना जहां ले जानी है, वहां ले जायी जाए. इस दौरान सदस्यों ने योजनाओं के आवंटन में पारदर्शिता और सभी पंचायतों को समान अवसर देने की मांग की.

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योजनाओं का हिसाब सार्वजनिक करने का उठा मुद्दा

पंसस राजकुमारी देवी ने आरोप लगाया कि प्रमुख और तत्कालीन बीडीओ अमित कुमार झा मीठी बातों में फंसाकर अब तक लूटते रहे, लेकिन अब मनमानी नहीं चलेगी. उन्होंने मांग की कि प्रखंड को पहले कितनी राशि प्राप्त हुई और किस पंचायत में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की गयीं, इसका पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए.

चौक-चौराहों पर लाइट लगाने का प्रस्ताव

बैठक के दौरान हंगामा बढ़ता देख सीओ सह बीडीओ आशीष कुमार ने सभी सदस्यों को शांत कराया. उन्होंने कहा कि प्रखंड के विभिन्न चौक-चौराहों पर लाइट की सुविधा होनी चाहिए. बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित करने की बात कही गई. उन्होंने कहा कि कम से कम दो से तीन करोड़ रुपए की योजनाओं का प्राक्कलन तैयार कराकर ग्रामीण विकास मंत्री के पास भेजा जाएगा और योजनाओं को स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा.

जलमीनार की गुणवत्ता पर उठे सवाल

इसी दौरान किशुनपुर के पंसस मनोरंजन गिरी ने डिहरिया स्कूल में लगाये गए जलमीनार की गुणवत्ता पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि दो लाख 22 हजार रुपए की लागत से जलमीनार लगाया गया है, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया. उन्होंने विद्यालय के जलमीनार को दुरुस्त कराने की मांग की. इसके बाद बैठक में मौजूद अन्य पंसस भी अपने-अपने क्षेत्र में जलमीनार लगाने का प्रस्ताव देने लगे.

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बैठक में कम रही पंसस की उपस्थिति

बैठक में पंचायत समिति सदस्यों की उपस्थिति कम रही. वहीं, बैठक में रिश्तेदारों का बोलबाला भी देखने को मिला. मौके पर अमरेश वर्मा, धर्मेंद्र दुबे, समरून बीबी, रामबिहारी मेहता, उपेंद्र कुमार, गुवेश भुइयां, गिरिवर उरांव, चित्रांगद कुमार, अरविंद पटेल समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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By Prabhat khabar news desk

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