मेदिनीनगर.राज्यपाल के निर्देश पर नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के नये भवन की जांच के लिए गठित कमेटी ने दूसरे दिन स्थल का निरीक्षण किया. जांच टीम ने पाया कि विवि के अधिकारियों ने बिना उपयोगिता देखे ही भवन का टेकओवर लिया है. जांच टीम ने एकेडमिक ब्लॉक की गहनता से जांच की. टीम में शामिल अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट तैयार कर राज्यपाल सह कुलाधिपति को सौंपी जायेगी. टीम में शामिल राज्यपाल के विशेष कार्य पदाधिकारी न्यायिक (ओएसडी जे) मुकलेशचंद्र नारायण ने कहा कि इसके लिए एकाउंटेबिलिटी (जिम्मेदारी) फिक्स किया जायेगा. टीम के पदाधिकारियों ने बताया कि दो दिनों तक जांच की गयी. इसमें कई खामियां पायी गयी है. मंगलवार को राजभवन के ओएसडी जे ने परिसदन में बातचीत के दौरान बताया कि एकेडमिक ब्लॉक के मुख्य द्वार पर होटल जैसा शीशे का दरवाजा लगाया गया है, जो गलत है. वहां ग्रील होना चाहिए था. यह संस्थान विद्यार्थियों के लिए है. इस कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से लोहे का चैनल गेट होना चाहिए था. उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट जैसा हाई क्वालिटी का शौचालय बनाया गया है. जांच टीम में ओएसडी जे के अलावा राजभवन के अपर सचिव एके सत्यजीत व भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता महेंद्र राम शामिल थे. उन्होंने कहा कि नक्शा और डीपीआर से सभी चीजों को देखा गया है. जो कमियां हैं. जिसमें सुधार की आवश्यकता है. सभी चीजों को समेकित कर जांच टीम अपनी रिपोर्ट राजभवन को सौंप देगी. जांच टीम ने सोमवार को दोपहर तीन बजे एकेडमिक ब्लॉक पहुंचकर हर बिंदुओं की जांच पड़ताल की गयी है. मालूम हो कि एनपीयू प्रशासन ने एकेडमिक ब्लॉक को 31 जनवरी को टेकओवर किया था. विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार व सीसीडीसी ने टेक ओवर किया था. जीएलए कॉलेज परिसर के 25 एकड़ भूमि पर 347 करोड़ की लागत से एनपीयू परिसर का निर्माण किया जा रहा है. अभी एनपीयू प्रशासन ने प्रशासनिक भवन और एकेडमिक ब्लॉक को कंस्ट्रक्शन कंपनी से टेक ओवर किया है. जबकि प्रथम फेज में प्रशासनिक भवन, एकेडमिक ब्लॉक, केंद्रीय लाइब्रेरी, वीसी बिल्ला आदि का निर्माण कार्य किया जा रहा है.
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