एक शिक्षक के भरोसे 450 छात्रों का भविष्य

कउवल मध्य विद्यालय में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई हो रही प्रभावित

छतरपुर.

पलामू जिले के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था की क्या स्थिति है, इसका पता कउवल मध्य विद्यालय की स्थिति देखकर ही पता चल जाता है. शिक्षा विभाग के उदासीन रवैया के कारण इस विद्यालय में अध्ययनरत 450 बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता नजर आ रहा है. यहां एक शिक्षिका के भरोसे पढ़ाई हो रही है. प्रधानाध्यापिका सरस्वती कुमारी की माने तो इस विद्यालय में उनके अलावा चार शिक्षक एवं दो पारा शिक्षक कार्यरत थे. कुछ माह पूर्व शिक्षक रमेशचंद्र प्रसाद, विनोद नारायण, संयुक्ता कुमारी व सुरेश राम सेवानिवृत्त हो गये. वहीं दोनों पारा शिक्षकों को सरकार ने अवैध करार देकर हटा दिया. इस तरह विद्यालय में शिक्षकों का पद खाली है. अकेले वह विभिन्न कक्षा के विद्यार्थियों को कैसे पढ़ायें, यह समझ में नहीं आ रहा है. शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए विभाग के वरीय पदाधिकारियों को आवेदन दिया गया है. लेकिन अभी तक शिक्षकों का पदस्थापन नहीं हुआ. जानकारों की माने तो शिक्षा अधिकार कानून के मुताबिक 40 बच्चों के लिए एक शिक्षक अनिवार्य है. ऐसे में इस विद्यालय में 450 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 11 शिक्षकों की आवश्यकता है.

कोर्स पूरा नहीं हो पाता है

शिक्षकों के अभाव में इस विद्यालय के विद्यार्थियों का कोर्स पूरा नहीं हो पाता है. वहीं ग्रामीणों ने स्कूल में शिक्षा की बदहाल स्थिति के लिए विभाग के पदाधिकारियों को जिम्मेवार ठहराया है. कहा कि शिक्षक का पदस्थापन करना विभाग का काम है. लेकिन विभागीय पदाधिकारी उचित निर्णय नहीं ले रहे है. जिससे विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि शिक्षकों की कमी की जानकारी विभाग को दी गयी है. लेकिन विभागीय पदाधिकारी इस कमी को दूर करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं. श्री यादव ने कहा कि वह स्वयं प्रतिदिन स्कूल पहुंचकर बच्चों को पढ़ाते हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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