पलामू: पलामू जिले में वर्ष 2023 में नियुक्त हुए 250 से अधिक शिक्षकों की सेवा संपुष्टि का मामला पिछले लंबे समय से लंबित है. दो वर्ष की अनिवार्य परीक्ष्यमान अवधि समाप्त होने और नियुक्ति के लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर सेवा संपुष्टि नहीं की गयी है. इसे लेकर जिले के शिक्षकों में गहरा असंतोष है.
पीड़ित शिक्षकों का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने कई बार जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को लिखित आवेदन सौंपे और मौखिक रूप से भी स्थिति से अवगत कराया, परंतु अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई है. शिक्षकों के अनुसार, जिला शिक्षा विभाग द्वारा सेवा संपुष्टि के संदर्भ में कई बार आधिकारिक पत्र निर्गत किये जा चुके हैं. इसके बावजूद सर्विस बुक (सेवा पुस्तिका) को अपडेट करने के नाम पर केवल समय-सीमा बढ़ाई जा रही है और प्रक्रिया को आगे टाला जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि राज्य शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किये जा चुके हैं, जिसके आलोक में राज्य के कई अन्य जिलों में सेवा संपुष्टि का कार्य पूरा किया जा चुका है. पलामू जिले में शिक्षा विभाग द्वारा इस विभागीय निर्देश की अवहेलना की जा रही है.
क्या हो रही है परेशानी
सेवा संपुष्टि की प्रक्रिया लंबित रहने के कारण शिक्षकों को कई प्रकार के वित्तीय और प्रशासनिक नुकसान उठाने पड़ रहे हैं. प्रमाण पत्र और आधिकारिक संपुष्टि के अभाव में शिक्षकों को वित्तीय बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. बैंक से किसी भी प्रकार का ऋण (लोन) प्राप्त करने में कठिनाई आ रही है. शिक्षकों की स्थानांतरण (तबादला) प्रक्रिया पूरी तरह से रुकी हुई है. सेवा संबंधी अन्य लाभों एवं भविष्य की प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है.
शिक्षकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाये, ताकि सभी पात्र शिक्षकों को समय पर सेवा संपुष्टि का लाभ मिल सके.
शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस गंभीर मामले को लेकर पिछले दिनों जनता दरबार में पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत से मुलाकात की थी और उन्हें एक मांग पत्र सौंपा था. पूर्व में उपायुक्त द्वारा दिये गये निर्देशों के बाद भी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से कोई सकारात्मक प्रगति नहीं की गयी थी.
डीइओ को दिया गया है एक सप्ताह का समय : डीसी
डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को एक सप्ताह का समय दिया गया है. इस निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेवा संपुष्टि का कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जायेगा.
