सुदना जलापूर्ति केंद्र ठप, शहर के वार्डों में गहराया पेयजल संकट
मोटर जलने से एक सप्ताह से सप्लाई बंद, पानी टैक्स वसूली जारी
By Akarsh Aniket | Updated at :
मोटर जलने से एक सप्ताह से सप्लाई बंद, पानी टैक्स वसूली जारी
प्रतिनिधि, मेदिनीनगर शहर के अघोर आश्रम रोड स्थित सुदना जलापूर्ति केंद्र इन दिनों गंभीर समस्याओं से घिरा हुआ है. केंद्र से जुड़े वार्डों में लगातार पेयजल आपूर्ति बाधित रहने से वार्डवासियों में निगम प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है. मोटर जल जाने के कारण पिछले एक सप्ताह से कई वार्डों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वार्डवासी सोनू कुमार, विवेक कुमार, विजय कुमार, अरविंद कुमार, यशवंत, राघवेंद्र, रविकांत कुमार, राहुल समेत अन्य लोगों ने बताया कि पिछले एक वर्ष से इस केंद्र से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है. कभी मोटर खराब होने तो कभी अन्य तकनीकी कारण बताकर केंद्र को बंद रखा जाता है. लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष जनवरी में ट्रांसफॉर्मर जलने से करीब एक माह तक जलापूर्ति ठप रही. इसके बाद कुएं में बालू भर जाने की बात कहकर लगभग चार माह तक पानी नहीं दिया गया. नदी में अधिक पानी होने का हवाला देकर अब तक कुएं की सफाई भी नहीं करायी गयी, जब कभी केंद्र चालू होता है, तो एक दिन के अंतराल पर मात्र पांच से दस मिनट पानी दिया जाता है, जो आबादी के लिए नाकाफी है. रविवार को एक बार फिर सुदना जलापूर्ति केंद्र का मोटर जल गया, जिसके बाद से सप्लाई बंद है. इधर शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली कोयल नदी भी सूखने की कगार पर है, जिससे पेयजल संकट और गहराता जा रहा है. लोगों का कहना है कि जब से निगम ने केंद्र की देखरेख की जिम्मेदारी ली है, तब से संचालन नियमित नहीं हो पा रहा है. विभाग पूरे माह का पानी टैक्स तो वसूल रहा है, लेकिन साल में छह माह भी नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है. मोबाइल पर टैक्स जमा करने के लिए मैसेज भेजे जा रहे हैं, लेकिन सप्लाई की चिंता किसी को नहीं है. इस संबंध में पंप ऑपरेटर संजय गुप्ता ने बताया कि मोटर जलने की सूचना विभाग को दे दी गयी है. कब तक ठीक होगा, यह कहा नहीं जा सकता. कम संसाधनों में बेहतर काम करने का प्रयास किया जा रहा है. इधर लोगों ने पलामू डीसी से सुदना जलापूर्ति केंद्र को दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल हो सके और लोगों को राहत मिल सके.