दृढ़ इच्छा शक्ति व कड़ी मेहनत से मिलती है सफलता

सहोदय उच्च विद्यालय का वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का डीसी ने किया उदघाटन, कहा

सहोदय उच्च विद्यालय का वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का डीसी ने किया उदघाटन, कहा

मेदिनीनगर. नगर निगम क्षेत्र के शाहपुर बिरसा नगर रोड स्थित सहोदय उच्च विद्यालय में वार्षिक खेल प्रतियोगिता का फाइनल मैच का आयोजन हुआ. मुख्य अतिथि पलामू डीसी समीरा एस व विशिष्ट अतिथि एसपी रीष्मा रमेशन ने वार्षिक खेल प्रतियोगिता का उदघाटन किया. विद्यालय के बच्चों ने आदिवासी परिधान में शामिल होकर पारंपरिक तरीके से नृत्य-गीत के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों व अभिभावकों का मनमोह लिया. अतिथियों ने झंडोत्तोलन कर कार्यक्रम शुरू कराया. विद्यालय के प्रधानाध्यापक फादर विनोद केरकेट्टा व सिस्टर शेर्ली सीडी ने डीसी-एसपी को गुलदस्ता व शॉल भेंटकर स्वागत किया. मौके पर पलामू डीसी समीरा एस ने कहा कि जीवन के लक्ष्य को निर्धारित कर उसे हासिल करने की दिशा में सार्थक प्रयास करें. विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल, संगीत सहित अन्य गतिविधियों में पारंगत होना चाहिए. आज का जमाना ऑल राउंडर का है. सफलता के लिए दृढ इच्छा शक्ति के साथ सीखने की प्रवृति व इमानदार मेहनत की आवश्यकता है. विद्यार्थी अपने कमजोरियों को पहचाने और गुणों को विकसित करें. मौके पर हजारीबाग के फादर प्रोविंशियल विसेंट हांसदा, फादर जेवियर, फादर जॉन खाखा, फादर अजित सोरेंगे, सिस्टर इगनेशिया, सिस्टर चैरिटी, शिक्षक बीरेंद्र, ख्रीस्तोजित कुजुर, सत्येंद्र पाल, प्रीतम कच्छप, उतम, दीपचंद्र, मनीषा, प्रेमलता, पुनिता, उषा, वंदना शिलमनिया अंकित, अमृता, तिला, प्रशांत, आशित, शशिकांत, सुबोधकांत, रोन जोहानी सहित काफी संख्या में बच्चे मौजूद थे. खेल कूद प्रतियोगिता के दौरान 100, 200 व 800 मीटर दौड, गोला फेंक, भाला फेंक, डिस्कस थ्रो,बाधा दौड़, बिस्कुट दौड़, चम्मच रेस सहित अन्य खेल प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर हौसला बढ़ाया गया.

बच्चों की प्रतिभा की पहचान कर प्रोत्साहित करें अभिभावक : एसपी

पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने बच्चों के द्वारा प्रस्तुत किये गये सांस्कृतिक कार्यक्रम का सराहना की. उन्होंने कहा कि बच्चों को देखकर उन्हें अपना बचपन व स्कूल के दिनों का याद ताजा हो गयी है.बच्चों से अनुशासन व मेहनत करने की सीख मिलती है. एसपी ने विद्यालय के शिक्षकों व अभिभावकों को सुझाव दिया कि बच्चों की प्रतिभा को पहचाने और उसे विकसित करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें. जिस क्षेत्र में बच्चों की रुचि अधिक है उसी क्षेत्र में उन्हें आगे बढने के लिए अभिभावकों को सपोर्ट करना चाहिए. किसी भी स्थिति बच्चों पर दबाव नही बनाया जाना चाहिए. प्रधानाध्यापक फादर विनोद केरकेट्टा ने स्कूल का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया.

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By Akarsh aniket

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