नौशाद अहमद की रिपोर्ट हुसैनाबाद. पलामू जिले के हुसैनाबाद के देवरी क्षेत्र में मंगलवार को सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. मंगलवार सुबह 9 बजे तक नदी का जलस्तर 22 फीट तक पहुंच गया था. जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गयी है.
पानी बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का डर
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस तेजी से सोन नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे इसके 25 फीट तक पहुंचने की आशंका है. नदी का पानी बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का डर सताने लगा है. करीब 15 वर्ष पूर्व आयी बाढ़ की याद से ग्रामीण पहले से ही सहमे हुए हैं.
किसानों के खेत प्रभावित
जलस्तर बढ़ने के कारण सोनपुरवा, पूर्णाडीह, देवरी कला, बुधआ, बड़ेपुर और दंगवार गांव के लोग भयभीत हैं. ग्रामीणों के अनुसार, सोन नदी का पानी बढ़ने से किसानों के खेत प्रभावित होने लगे हैं. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है.
सब्जी की खेती सबसे अधिक प्रभावित
सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के उस पार डीले पर खेती करने वाले किसानों की परेशानी बढ़ गयी है. यहां मुख्य रूप से सब्जी की खेती की जाती है. पानी बढ़ने से सब्जी की फसल सबसे अधिक प्रभावित होती है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और रोजगार पर भी असर पड़ता है. किसानों का कहना है कि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो खेतों में लगी फसल बर्बाद हो सकती है. इससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा.
नावों का परिचालन बंद
सोन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद देवरी कला गांव के नाव चालकों ने अपनी सभी नावों का परिचालन बंद कर दिया है. नावों का परिचालन बंद होने से बिहार से आने वाले यात्रियों और झारखंड से बिहार जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है.
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परिचालन बंद होने से आर्थिक नुकसान
स्थानीय नाव संचालकों ने बताया कि नाव ही उनके रोजगार का प्रमुख साधन है. परिचालन बंद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. वहीं, नाव सेवा बंद होने से यात्रियों को समय के साथ अतिरिक्त आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है.
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प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को किया सतर्क
सोन नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी समीर अल्फ्रेड मुर्मू और एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ला ने बताया कि नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
प्रशासन की ओर से माइकिंग कर डीले पर रहने वाले किसानों और तटीय इलाकों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गयी है. पशुपालकों को भी सोन नदी के बढ़ते पानी से दूर रहने और अपने पशुओं को सुरक्षित रखने की सलाह दी गयी है.
