कोई बोला संतुलित, तो किसी ने बताया युवाओं के लिए निराशाजनक

53.47 लाख करोड़ के बजट पर पलामू में मंथन, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर रोजगार तक पर राय बंटी

53.47 लाख करोड़ के बजट पर पलामू में मंथन, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर रोजगार तक पर राय बंटी प्रतिनिधि, मेदिनीनगर केंद्र सरकार ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 53.47 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया. सरकार ने आधारभूत संरचना, सुरक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक क्षेत्र और समावेशी विकास को केंद्र में रखते हुए कई प्रावधान किये हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा. वहीं बजट को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही. किसी ने इसे संतुलित बताया तो किसी ने इसे लोकलुभावन करार दिया. फोटो: 01डालपीएच 15 अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उत्कर्ष तिवारी ने कहा कि बजट में युवा शक्ति को प्राथमिकता दी गयी है. शिक्षा और रोजगार के लिए बड़े निवेश की घोषणा की गयी है. मेडिकल क्षेत्र में 75 हजार नयी सीटें, तीन नये आयुष संस्थान तथा स्वास्थ्य शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा देने की पहल सराहनीय है. फोटो: 01डालपीएच 16 जीएलए कॉलेज की राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ ऋचा सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने शिक्षा के विकास के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 8.27 प्रतिशत अधिक राशि आवंटित की है. सभी जिलों में बालिका हॉस्टल निर्माण और शी-स्मार्ट्स योजना के तहत महिलाओं को उद्यमी बनाने का प्रयास किया गया है. उन्होंने कहा कि बजट के प्रावधानों को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए. फोटो: 01डालपीएच 17 वहीं रंजन कुमार यादव ने बजट को युवाओं की उपेक्षा का दस्तावेज बताया. उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी युवा वर्ग की है, लेकिन रोजगार गारंटी को लेकर कोई ठोस रोडमैप नहीं दिखता. शिक्षा और कौशल विकास पर दीर्घकालिक नीति का अभाव है. फोटो: 01डालपीएच 18 पलामू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव इंद्रजीत सिंह डिंपल ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और समावेशी भारत की नींव मजबूत करेगा। विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा. फोटो: 01डालपीएच 19 डॉ. प्रेमजीत सिंह ने कहा कि बजट जनकल्याण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला है। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। रिनपास को विकसित करने की योजना भी सराहनीय है। फोटो: 01डालपीएच 20 भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि बजट में युवा, किसान, महिला, दलित व पिछड़े वर्गों पर विशेष ध्यान दिया गया है. मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया गया है. यह नये भारत का बजट है. फोटो: 01डालपीएच 21 पलामू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आनंद शंकर ने बजट को सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा कि बजट के फोकस बिंदु भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाएंगे। फोटो: 01डालपीएच 22 चिकित्सक डॉ. आनंद कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेष प्रावधान किये गये हैं, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचेगा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा. फोटो: 01डालपीएच 23 सेवानिवृत्त शिक्षिका योगमाया तिवारी ने कहा कि बजट से महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा. स्वयं सहायता समूह, महिला उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण से युवाओं व महिलाओं को लाभ होगा. फोटो: 01डालपीएच 24 वहीं डालटनगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विनोद उदयपुरी ने बजट को झारखंड के लिए निराशाजनक बताया. उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग स्थापना की जरूरत है ताकि रोजगार मिल सके.चंदवा में स्थापित अभिजीत व एस्सार पावर प्लांट को शुरू किया जाना चाहिए था.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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