मौत का गड्ढा बना सोहेया का क्रेशर पत्थर खदान, नहाने के दौरान गहरे पानी में डूबा युवक

Palamu News: पलामू के हुसैनाबाद स्थित सोहेया पत्थर खदान के गहरे गड्ढे में नहाने के दौरान 21 वर्षीय युवक लवकुश गुप्ता डूब गया. दो घंटे तक चले सर्च अभियान में शव नहीं मिला. ग्रामीणों ने एनडीआरएफ बुलाने की मांग की है. बंद खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

हुसैनाबाद से नौशाद की रिपोर्ट

Palamu News: पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. क्षेत्र के सोहेया पहाड़ स्थित दमदमी पत्थर खदान के गड्ढे में नहाने के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई. घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है. हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है. मृतक की पहचान पत्तरा खुर्द पंचायत के पत्तरा खुर्द निवासी सतेंद्र साव के 21 वर्षीय पुत्र लवकुश गुप्ता के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वह अपने कुछ दोस्तों के साथ खदान में बने गहरे जलाशय में नहाने गया था, जहां यह हादसा हो गया.

दोस्तों के सामने हुआ हादसा

स्थानीय लोगों के अनुसार नहाने के दौरान लवकुश गुप्ता अचानक गहरे पानी में चला गया. उसके साथ मौजूद दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह पानी में डूब गया. जब काफी देर तक वह पानी से बाहर नहीं निकला तो उसके दोस्तों ने घबराकर गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए. देखते ही देखते खदान के आसपास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. घटना की जानकारी तुरंत हुसैनाबाद थाना पुलिस को भी दी गई.

प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर

सूचना मिलने के बाद अंचल पदाधिकारी पंकज कुमार, हुसैनाबाद थाना के इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी चंदन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. स्थानीय लोगों ने प्रशासन को बताया कि जिस गड्ढे में युवक डूबा है उसकी गहराई लगभग 30 से 40 फीट तक है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने देवरी ओपी प्रभारी राजू गुप्ता से संपर्क कर स्थानीय नाविकों को तत्काल मौके पर भेजने का अनुरोध किया. इसके बाद बचाव एवं खोज अभियान शुरू किया गया.

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने संभाली कमान

घटना की सूचना मिलते ही पत्तरा खुर्द पंचायत की मुखिया आंचल देवी, समाजसेवी कुंदन पासवान, विनय पासवान, पूर्व मुखिया लल्लू रजवार और मदन पासवान भी घटनास्थल पर पहुंचे. सभी ने मिलकर स्थानीय नाविकों को बुलाने और खोज अभियान में सहयोग करने का प्रयास किया. ग्रामीणों ने प्रशासन के साथ मिलकर युवक की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास शुरू कर दिए. घटना को लेकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

दो घंटे तक चला सर्च अभियान, नहीं मिला शव

स्थानीय नाविकों के पहुंचने के बाद खदान के गहरे पानी में सर्च अभियान शुरू किया गया. करीब दो घंटे तक लगातार खोजबीन की गई, लेकिन युवक का शव बरामद नहीं हो सका. इसके बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई. ग्रामीणों का कहना है कि खदान की गहराई और पानी की स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर शव तलाशना काफी कठिन हो रहा है. लोगों ने जिला प्रशासन से एनडीआरएफ या विशेष बचाव दल बुलाने की मांग की है ताकि युवक के शव को जल्द से जल्द खोजा जा सके.

बंद खदान बनी जानलेवा

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जिस पत्थर खदान में यह हादसा हुआ है वह कई वर्षों से बंद पड़ी हुई है. इसके बावजूद खदान संचालकों द्वारा गड्ढे को भरा नहीं गया. समय के साथ इसमें भारी मात्रा में पानी जमा हो गया, जिससे यह एक खतरनाक जलाशय में बदल गया है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में ऐसे कई परित्यक्त खदान गड्ढे मौजूद हैं, जो आए दिन हादसों का कारण बनते हैं. लोगों ने प्रशासन से बंद खदानों के गड्ढों को भरवाने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.

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सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर बंद खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खदान क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया होता तो शायद यह हादसा नहीं होता. फिलहाल प्रशासन और स्थानीय लोग युवक की तलाश में जुटे हुए हैं और पूरे क्षेत्र की नजरें सर्च अभियान पर टिकी हुई हैं.

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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