पलामू: पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के रेड़मा निवासी शिवकुमार पांडेय ने हिंदी साहित्य में अनोखी रचना तैयार करने का दावा किया है. उन्होंने हिंदी वर्णमाला का प्रयोग करते हुए संपूर्ण रामायण का सार महज 27 शब्दों और 80 अक्षरों में समेटने का प्रयास किया है. उनका दावा है कि इस साहित्यिक रचना को लेकर एआई के साथ हुई प्रतियोगिता में उन्होंने एआई को पराजित कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है.
शिवकुमार पांडेय के अनुसार, इस रचना को तैयार करने में उन्होंने हिंदी वर्णमाला के अ से अः तक स्वर और क से श्र तक व्यंजनों का प्रयोग किया है. उनका कहना है कि इस कठिन वर्णमाला शैली में संपूर्ण रामायण का सार समाहित करना आसान नहीं था और इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की.
एआई को दी थी चुनौती
शिवकुमार पांडेय ने बताया कि उन्होंने एआई को चुनौती दी थी कि वह इसी कठिन वर्णमाला शैली में किसी साहित्यिक कृति का सार तैयार करे. एआई ने उनकी चुनौती स्वीकार करते हुए इस तरह की रचना तैयार करने का प्रयास किया, लेकिन उनके अनुसार वह इसमें सफल नहीं हो सका.
पांडेय का दावा है कि इसके बाद एआई ने प्रतियोगिता में अपनी पराजय स्वीकार कर ली. उन्होंने इस प्रतियोगिता से संबंधित डिजिटल प्रमाण भी मीडिया हाउस को उपलब्ध कराया है.
दो बार इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करा चुके हैं नाम
शिवकुमार पांडेय ने बताया कि साहित्य के क्षेत्र में यह उनका पहला बड़ा प्रयास नहीं है. इससे पहले भी वह दो बार इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं.
उनका कहना है कि हिंदी भाषा, साहित्य और वर्णमाला की विशिष्टता को सामने लाने के उद्देश्य से उन्होंने इस रचना को तैयार किया है. उनका दावा है कि एआई को साहित्यिक चुनौती देकर यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह विश्व के पहले साहित्यकार हैं.
