बाल संरक्षण को लेकर संवेदनशीलता जरूरी : डीसी

मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त समीरा एस की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा कोषांग व समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी.

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त समीरा एस की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा कोषांग व समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की स्थिति पर चर्चा करते हुए सहायक निदेशक विक्रम आनंद ने बताया कि अप्रैल से जून 2025 तक वृद्धावस्था, विधवा, और दिव्यांग पेंशन का भुगतान नहीं हो सका है, क्योंकि राज्य से आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है. डीसी ने एचआइवी पीड़ितों को भी पेंशन योजना में शामिल करने की आवश्यकता जतायी और कहा कि संबंधित स्वयंसेवी संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर लाभ दिलाया जाये.

बाल संरक्षण इकाई में कर्मियों की कमी

डीएसडब्लूओ नीता चौहान ने बताया कि विभाग को मानव बल की कमी के कारण कार्यों में परेशानी हो रही है. मिशन वात्सल्य योजना के तहत संचालित शेल्टर होम, ऑब्जर्वेशन होम, स्पेशल होम, दत्तक केंद्र, पोस्टर केयर, और स्पॉन्सरशिप जैसी संस्थागत व गैर-संस्थागत सेवाओं की समीक्षा की गयी. डीसी ने मिशन वात्सल्य को सामाजिक पुनर्निर्माण की दिशा में अहम पहल बताया और कहा कि इससे अनाथ, तस्करी पीड़ित व बाल श्रमिक बच्चों को सुरक्षित जीवन देने में मदद मिलेगी.

बच्चों को उपेक्षा और हिंसा से बचाने की जरूरत

डीसी ने कहा कि बाल सुरक्षा समितियों व संस्थाओं को संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ काम करना होगा. बच्चों को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने और उन्हें हिंसा व शोषण से बचाने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस प्रयास जरूरी हैं. बैठक में डीडीसी शब्बीर अहमद समेत कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Author: DEEPAK

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