Palamu News: अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बुधवार को कचहरी परिसर स्थित समाहरणालय के सामने झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह आयोजित किया गया. ‘लाठी का जवाब लोकतंत्र’ के तहत आयोजित एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना, सत्याग्रह और अनशन में छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और समर्थकों ने हिस्सा लिया. रांची में 10 अगस्त को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदर्शनकारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया और आंदोलनरत छात्रों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित की.
सूर्या सोनल सिंह ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
युवा नेता सूर्या सोनल सिंह के नेतृत्व में आयोजित सत्याग्रह के दौरान छात्रों और युवाओं ने पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन में बल प्रयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है. सत्याग्रह के दौरान सरकार से छात्रों के साथ तत्काल संवाद स्थापित करने और उनकी मांगों के समाधान के लिए ठोस पहल करने की मांग की गयी.
‘लाठी का जवाब लाठी से नहीं, लोकतांत्रिक तरीके से देंगे’
मौके पर सूर्या सोनल सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पूरी दुनिया में युवाओं के अधिकारों, भागीदारी और भविष्य से जुड़े मुद्दों को सामने रखने का अवसर है. ऐसे समय में झारखंड में युवाओं को अपनी जायज मांगों के लिए लाठियां खानी पड़ रही हैं, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. आंदोलनकारियों का उद्देश्य किसी तरह का टकराव पैदा करना नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि लाठी का जवाब लाठी से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य और सम्मान से जुड़े सवालों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना ही सत्याग्रह का उद्देश्य है.
10 अगस्त की घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग
सत्याग्रह के दौरान 10 अगस्त को रांची में हुई पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग प्रमुखता से उठायी गयी. प्रदर्शनकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, घायल छात्रों को उचित मुआवजा और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की मांग की. इसके अलावा सरकार से आंदोलनरत छात्रों के साथ तत्काल संवाद शुरू करने, जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करने की मांग की गयी. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर छात्रों के बीच लगातार असंतोष बना हुआ है. ऐसे में सरकार को उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए स्पष्ट रोडमैप सामने रखना चाहिए.
स्वतंत्रता दिवस से पहले न्याय की दिशा में पहल की मांग
सूर्या सोनल सिंह ने सरकार से स्वतंत्रता दिवस से पहले छात्रों की मांगों पर ठोस पहल करने की अपील की. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त आजादी, लोकतंत्र और अधिकारों का उत्सव है. ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह छात्रों की आवाज सुने और न्याय की दिशा में आवश्यक कदम उठाये. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर न्यायपूर्ण और ठोस कार्रवाई नहीं की गयी तथा आंदोलन जारी रहा, तो स्वतंत्रता दिवस के बाद वह स्वयं रांची पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों के साथ लोकतांत्रिक सत्याग्रह में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों की इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जायेगा.
छात्रों के समर्थन में पलामू में जुटे लोग
सत्याग्रह में छात्रों के अलावा युवाओं, अभिभावकों और आम नागरिकों ने भी भाग लिया. प्रदर्शनकारियों ने रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है. इस अधिकार की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है. कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने और नियुक्ति परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच बढ़ते असंतोष को केवल प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता. इसके लिए संवाद और भरोसे की जरूरत है. आखिर छात्रों के सवालों का जवाब लाठी से देने की परंपरा किसी भी लोकतंत्र के लिए बहुत खराब रिपोर्ट कार्ड है.
एसडीओ को सौंपा ज्ञापन
एक दिवसीय धरना, सत्याग्रह और अनशन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सदर अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से रांची की घटना की जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, घायल छात्रों को सहायता, सरकार और छात्रों के बीच तत्काल संवाद तथा जेपीएससी-जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता समेत विभिन्न मांगों को पूरा करने की अपील की गयी.
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धरने में ये भी रहे शामिल
कार्यक्रम के अंत में सूर्या सोनल सिंह ने सत्याग्रह में शामिल हुए पलामू के छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और आम नागरिकों के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन में उठी यह आवाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी जारी रहेगी. मौके पर संजय कुमार सिंह, पप्पू सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
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