15 साल बाद राजहरा कोलियरी शुरू होगा, कोयला राज्यमंत्री आज करेंगे उदघाटन

कोयला राज्यमंत्री आज करेंगे उदघाटन

कोयला राज्यमंत्री आज करेंगे उदघाटन प्रतिनिधि, मेदिनीनगर पलामू जिले के पड़वा स्थित सीसीएल के राजहरा कोलियरी का नवसंचालन एक बार फिर आरंभ होगा. केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीशचंद्र दुबे शनिवार को दोपहर दो बजे कोलियरी का उदघाटन करेंगे. इसके बाद यहां खनन का कार्य शुरू हो जायेगा. पलामू सांसद वीडी राम ने शुक्रवार को पत्रकारों को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लोगों को रोजगार मिलेगा. सांसद ने कहा कि राजहरा कोलियरी 184 वर्ष पुराना है. 1842 में मेसर्स बंगाल कोल कपनी लिमिटेड ने राजहरा कोलियरी में भूमिगत खनन कार्य शुरू किया था. यहां पड़वा रजहारा क्षेत्र में कोयला खनन होता था. यहां का कोयला विश्व-प्रसिद्ध है. लेकिन कोयले की सतह और नीचे पुरानी बनी खदान के बीच की मोटाई तीन मीटर से कम होने के कारण यह परत अचानक ढह गयी. इससे धीरे-धीरे पूरे खदान क्षेत्र में पानी भर गया. सुरक्षा के दृष्टिकोण से डायरेक्टर जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (डीजीएमएस) ने 10 नवंबर 2010 को आदेश जारी कर माइनिंग ऑपरेशन बंद करा दिया था. 4.9 मिलियन टन है कोयला भंडार : सांसद ने बताया कि राजहरा कोलियरी में 4.9 मिलियन टन कोयले का भंडार है. यहां ग्रेड जी 9 किस्म का कोयला पाया जाता है. यह उच्च गुणवत्ता वाला है. कोयला निकालने के लिए 12.6 मिलियन क्यूबिक मीटर ओवर वार्डन वॉल्यूम को हटाने की आवश्यकता है. यहां प्रतिवर्ष कम से कम 0.30 मिलियन टन का उत्पादन किया जायेगा, जबकि अधिकतम 0.50 मिलियन टन प्रतिवर्ष उत्पादन किया जायेगा. इसे फरवरी 2037 तक पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी है. पूरी तरह से पाबंदी हटाने के लिए नदी के किनारे को मजबूत करने और सभी शर्तों का पालन करने पर जोर दिया गया है. 20 विस्थापितों को मिलेगी नौकरी : यहां के 20 विस्थापितों को नौकरी मिलेगी. सांसद ने बताया कि अभी तक कुल 11 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से दो को पहले ही रोजगार प्रदान किया जा चुका है. चार आवेदन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. जबकि शेष पांच आवेदन की प्रारंभिक जांच चल रही है. नौ और विस्थापितों के आवेदन प्रतीक्षारत हैं. कहा कि सीसीएल द्वारा सीएसआर के तहत आठ गहरे बोरवेल कराये जायेंगे. स्कूलों में चार क्रिकेट पिच का निर्माण किया जायेगा. नियमित मेडिकल हेल्थ कैंप लगेंगे. आगे चलकर सिलाई मशीन का वितरण व स्कूल में बेंच की व्यवस्था की जायेगी. खनन कार्य के संचालन के बाद अतिरिक्त सीएसआर गतिविधियां संचालित की जायेंगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Akarsh aniket

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >