मेदिनीनगर. राजभवन के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के नये भवन की जांच की. टीम में राजभवन के विशेष कार्य पदाधिकारी न्यायिक मुकलेश चंद्र नारायण, राजभवन के अपर सचिव एके सत्यजीत व भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता महेंद्र राम शामिल थे. इस दौरान जांच टीम ने कई तरह की कमियां पायी. टीम के सदस्यों ने भवन के बाहरी हिस्से में लगे पेवर्स ब्लॉक की जांच की. अपने समक्ष लगाये गये पेवर्स ब्लॉक को उखड़वाया. जांच में पाया गया कि बालू का उपयोग नहीं किया गया है. इसके बाद जांच टीम ने नये भवन के चारों तरफ पानी की निकासी को लेकर जांच की. कहा कि इसका प्रॉपर सिस्टम होना चाहिए था, लेकिन पानी का चैंबर अलग-अलग नहीं बनाया गया है. भवन में लगे दरवाजा व खिड़की की जांच की गयी. टीम के सदस्यों ने कहा कि मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया है. भवन में सखुआ की लकड़ी का चौखट लगना था, लेकिन सामान्य लकड़ी का उपयोग किया गया है. इसे बदलने के लिए निर्देश दिया गया है. दरवाजे में लगे एलड्राप भी घटिया है. साफ-सफाई की स्थिति बदतर है. जांच टीम ने पूछा कि बिना साफ-सफाई के बिल्डिंग को कैसे हैंडओवर कर दिया. टीम ने बताया कि बिल्डिंग की फिनिशिंग भी सही ढंग से नहीं की गयी है. बावजूद हैंडओवर कर दिया गया. दूसरे व तीसरे तल्ले की जांच में पाया कि पानी जमा होने पर उसकी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गयी है. मालूम हो कि कई छात्र सगठनों ने नये विश्वविद्यालय भवन को लेकर शिकायत वित्त मंत्री से की थी. इस मामले में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय के नये भवन का स्थल निरीक्षण किया था. जिसके बाद मंत्री श्री किशोर ने राजभवन पहुंच कर राज्यपाल से मिल कर पत्र सौंपा था. इसके बाद राज्यपाल के निर्देश पर तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के लिए भेजी गयी है. टीम के द्वारा अगले दिन भी जांच की जायेगी.
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