माइंस का विरोध, गड्ढे को मिट्टी से भरा

पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया. लेकिन ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे. उनका कहना था कि खनन विभाग ने गलत तरीके से इस माइंस की स्वीकृति दी है.

छतरपुर.

थाना क्षेत्र के हुटुकदाग गांव में शनिवार से नया पत्थर माइंस चालू हुआ. पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में संचालक ने पत्थर उत्खनन का कार्य शुरू कराया. लेकिन ग्रामीण इस माइंस का विरोध कर रहे थे. रविवार को ग्रामीणों ने माइंस से उत्खनन कार्य रोकने के लिए जेसीबी से खोदे गये गड्ढे को मिट्टी से भर दिया. इसकी सूचना मिलने पर छतरपुर पुलिस माइंस स्थल पर पहुंची. ग्रामीणों को समझाया. लेकिन ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे. उनका कहना था कि माइंस का किसी भी हाल में संचालन होने नहीं दिया जायेगा. खनन विभाग ने गलत तरीके से इस माइंस की स्वीकृति दी है. आबादी वाली जगह पर माइंस संचालन करने का कोई औचित्य नहीं है. गांव में आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं. उन्हें प्रधानमंत्री आवास का लाभ मिला है. माइंस से 100 मीटर की दूरी पर सरकारी स्कूल है, जो 1958 में बना है. थोड़ी दूर पर ही नदी है, जिसका पानी गांव के लोग पीते हैं. ग्रामीणों ने माइंस का पट्टा रद्द करने की मांग की. कहा कि लीज रद्द कराने की मांग को लेकर डीसी का घेराव किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >