अधूरे पड़े विद्यालय भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू

नौडीहा पंचायत के खजुरी गांव में वर्षों से अधूरा पड़ा स्कूल भवन का कार्य शुरू किया गया.

छतरपुर. नौडीहा पंचायत के खजुरी गांव में वर्षों से अधूरा पड़ा स्कूल भवन का कार्य शुरू किया गया. यह इलाका पूर्व में नक्सलियों का वर्चस्व हुआ करता था आज वहां की परिवेश बदलता जा रहा है .लोग अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देने के लिए शिक्षा की मंदिर रूपी अधूरे पड़े विद्यालय भवन को पूरा कराने के लिए एकजुट होकर पूर्व मंत्री राधा कृष्ण किशोर के सहयोग से योजना को धरातल पर लाकर निर्माण कार्य प्रशस्त कराया है. मुखिया हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि खजुरी में स्थित मध्य विद्यालय को स्तरोन्नत कर उच्च विद्यालय का दर्जा दे दिया गया . शिक्षक भी पर्याप्त दे दिये गये, पर इस विद्यालय में पढ़ने वाले सात सौ बच्चों के लिए भवन उपलब्ध नहीं होने से बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को विवश थे. उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में 14 कमरों वाला दो मंजिला भवन की स्वीकृति मिली, पर भवन अधूरा ही रह गया था. जिसके कारण बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया .इसी दौरान गांव में पूर्व मंत्री राधा कृष्ण किशोर गांव पहुंचे थे, लोगों ने समस्या से अवगत कराया था. विद्यालय भवन पूरा कराने का आग्रह किया गया .जिसके बाद उनके द्वारा सरकार के सचिव से आदेश कराया गया और डीसी पलामू के द्वारा डीएमएफटी फंड से 99 लाख की लागत से अधूरे भवन को पूरा कराने के लिए भवन निर्माण विभाग को राशि उपलब्ध करायी गयी. इसके बाद बुधवार को मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर कार्य प्रारंभ करा दिया गया. मौके पर प्रधानाध्यापक रूबी कुमारी, दिलीप सिंह, जगरनाथ सिंह, जन्नत हुसैन, सोनू सिंह, पंकज सिंह, सूर्यदेव पासवान सहित बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे. विद्यालय का भवन बनने की प्रक्रिया शुरू छतरपुर. नौडीहा पंचायत के खजुरी गांव में वर्षों से अधूरा पड़ा स्कूल भवन का कार्य शुरू किया गया. यह इलाका पूर्व में नक्सलियों का वर्चस्व हुआ करता था आज वहां की परिवेश बदलता जा रहा है .लोग अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देने के लिए शिक्षा की मंदिर रूपी अधूरे पड़े विद्यालय भवन को पूरा कराने के लिए एकजुट होकर पूर्व मंत्री राधा कृष्ण किशोर के सहयोग से योजना को धरातल पर लाकर निर्माण कार्य प्रशस्त कराया है. मुखिया हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि खजुरी में स्थित मध्य विद्यालय को स्तरोन्नत कर उच्च विद्यालय का दर्जा दे दिया गया . शिक्षक भी पर्याप्त दे दिये गये, पर इस विद्यालय में पढ़ने वाले सात सौ बच्चों के लिए भवन उपलब्ध नहीं होने से बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को विवश थे. उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में 14 कमरों वाला दो मंजिला भवन की स्वीकृति मिली, पर भवन अधूरा ही रह गया था. जिसके कारण बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया .इसी दौरान गांव में पूर्व मंत्री राधा कृष्ण किशोर गांव पहुंचे थे, लोगों ने समस्या से अवगत कराया था. विद्यालय भवन पूरा कराने का आग्रह किया गया .जिसके बाद उनके द्वारा सरकार के सचिव से आदेश कराया गया और डीसी पलामू के द्वारा डीएमएफटी फंड से 99 लाख की लागत से अधूरे भवन को पूरा कराने के लिए भवन निर्माण विभाग को राशि उपलब्ध करायी गयी. इसके बाद बुधवार को मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर कार्य प्रारंभ करा दिया गया. मौके पर प्रधानाध्यापक रूबी कुमारी, दिलीप सिंह, जगरनाथ सिंह, जन्नत हुसैन, सोनू सिंह, पंकज सिंह, सूर्यदेव पासवान सहित बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे.

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