पांकी CHC में गर्भवती महिला को निजी नर्सिंग होम भेजने का आरोप

पलामू के पांकी सीएचसी में कमीशन के लालच में गर्भवती महिला को निजी नर्सिंग होम भेजने का मामला सामने आया है. पंचायत प्रतिनिधियों ने महिला को वापस अस्पताल लाया.

पांकी: पलामू जिले के पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में गर्भवती महिलाओं को कथित रूप से निजी नर्सिंग होम भेजे जाने का मामला सामने आया है. ताजा मामला मंगलपुर की एक गर्भवती महिला से जुड़ा है. महिला प्रसव के लिए पांकी सीएचसी पहुंची थी. आरोप है कि वहां तैनात दाई पुनीता देवी ने उसे निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया. मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया. इसके बाद महिला को निजी नर्सिंग होम से वापस सीएचसी लाया गया.

निजी नर्सिंग होम भेजे जाने की मिली जानकारी

बताया गया कि मंगलपुर की गर्भवती महिला को प्रसव के लिए पांकी सीएचसी लाया गया था. इसी दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को जानकारी मिली कि महिला को झारखंड नर्सिंग होम भेज दिया गया है. प्रतिनिधियों ने मामले में हस्तक्षेप किया और महिला को वापस सरकारी अस्पताल लाया गया. मामले को लेकर दाई पर निजी नर्सिंग होम से कमीशन लेने के लिए मरीज को भेजने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, कमीशन की राशि या लेनदेन से संबंधित कोई जानकारी सामने नहीं आयी है.

चिकित्सा प्रभारी ने मानी दाई की गलती

पांकी सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ महेंद्र प्रसाद ने बताया कि दाई द्वारा मरीज को निजी अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सही है. जानकारी मिलते ही तत्काल अस्पताल की एंबुलेंस भेजकर महिला को वापस सीएचसी लाया गया. चिकित्सा प्रभारी के अनुसार, महिला की स्थिति गंभीर थी. उसे बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच रेफर कर दिया गया.

सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

मामला सामने आने के बाद पांकी सीएचसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद मरीज सरकारी अस्पताल में निःशुल्क इलाज की उम्मीद से पहुंचते हैं. ऐसे में यदि उन्हें निजी नर्सिंग होम भेजा जाता है तो यह गंभीर मामला है.

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जांच में कोई कर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. इससे सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी और उन्हें निजी नर्सिंग होम जाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा.

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पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

स्थानीय लोगों के अनुसार, पांकी सीएचसी से पूर्व में भी गर्भवती महिलाओं को कथित रूप से निजी नर्सिंग होम भेजे जाने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. इन मामलों में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई किये जाने तथा कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के निलंबन की बात भी सामने आयी थी. इसके बावजूद दोबारा इस तरह का मामला सामने आने से अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं.


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By Chandra shekhar singh

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