हुसैनाबाद से नौशाद अहमद की रिपोर्ट
Palamu News: पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप में साझेदारी दिलाने के नाम पर एक करोड़ 32 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामला दंगवार गांव निवासी सतीश कुमार सिंह से जुड़ा है, जिन्होंने दो भाइयों पर धोखाधड़ी, धमकी और विश्वासघात का आरोप लगाया है.
पार्टनरशिप का दिया गया था प्रस्ताव
पीड़ित सतीश कुमार सिंह ने हुसैनाबाद थाना में दिए गए लिखित आवेदन में बताया है कि उनके गांव दंगवार स्थित जमीन पर मां फ्यूल सेंटर पेट्रोल पंप संचालित है. इसके अलावा टाटा कंपनी का एक टैंकर भी है, जिसका डीलरशिप बिहार के बक्सर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के कौनौली गांव निवासी सरोज सिंह और उनके भाई मनोज सिंह के पास है. दोनों के पिता का नाम मदन सिंह बताया गया है. सतीश कुमार सिंह के अनुसार, दोनों भाइयों ने उनसे कहा कि वे बिहार के सासाराम में एक पेट्रोल-डीजल पंप खरीद रहे हैं और यदि वह उसमें साझेदार बनना चाहते हैं तो उन्हें 70 लाख रुपये निवेश करने होंगे.
तीन बैंक खातों में ट्रांसफर किए 70 लाख रुपये
शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों भाइयों के भरोसे में आकर उन्होंने उनके द्वारा बताए गए तीन अलग-अलग बैंक खातों में कुल 70 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. इसके बाद 2 मार्च 2024 को एक एग्रीमेंट भी तैयार किया गया. एग्रीमेंट होने के बाद वह पेट्रोल पंप की देखरेख और अन्य कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़ गए. सतीश कुमार सिंह का आरोप है कि इसके कुछ समय बाद सरोज सिंह और मनोज सिंह ने उनसे कहा कि वे बैंक फ्रॉड के एक मामले में फंस गए हैं. ऐसे में उन्हें 70 लाख रुपये और देने होंगे. बदले में पेट्रोल पंप और टैंकर उनके नाम ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.
62 लाख रुपये और देने के बाद भी नहीं मिला अधिकार
आवेदन के अनुसार, दोनों भाइयों की बातों पर भरोसा करते हुए सतीश कुमार सिंह ने अतिरिक्त 62 लाख रुपये भी उनके खातों में भेज दिए. इस तरह कुल एक करोड़ 32 लाख रुपये का भुगतान किया गया. पीड़ित का आरोप है कि पूरी राशि लेने के बाद उन्हें साझेदारी से बाहर कर दिया गया. जब उन्होंने अपने पैसे या हिस्सेदारी की मांग की तो आरोपियों ने कहा कि वे बाद में पैसा लौटा देंगे. हालांकि, बाद में उन्होंने एग्रीमेंट को मानने से ही इनकार कर दिया.
पैसा मांगने पर दी जा रही धमकी
सतीश कुमार सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने अपने बकाया रुपये वापस मांगने की कोशिश की तो उन्हें गाली-गलौज का सामना करना पड़ा. साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई. इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत हुसैनाबाद थाना में दर्ज कराई.
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पुलिस ने शुरू की जांच
इस मामले में हुसैनाबाद पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पेट्रोल पंप में साझेदारी के नाम पर करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़ा यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरे प्रकरण में किसकी क्या भूमिका रही और पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता है. इंसान लालच और भरोसे के बीच ऐसी गांठें बांध लेते हैं कि बाद में पुलिस डायरी ही रिश्तों का हिसाब रखने लगती है.
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