निर्माण के महज सात साल में ही जर्जर हो गया पाटन अंचल कार्यालय, छत से टपक रहा पानी

पलामू के पाटन प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन की जर्जर हालत चिंता का विषय है. बरसात में छत से पानी टपकना और दीवारों में दरारें पड़ना, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है. जानिए इस बदहाली का कारण.


पाटन से रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट

Palamu News: पलामू जिले के पाटन प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन की स्थिति काफी जर्जर हो गयी है. स्थिति यह है कि बरसात के दिनों में भवन के ऊपरी तल्ले की छत से कई जगहों पर पानी टपकने लगता है. गौरतलब है कि इस सरकारी भवन के निर्माण कार्य पूरे हुए महज छह से सात वर्ष ही हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में ही यह पूरी तरह खराब हो चुका है.छत से लगातार पानी रिसने के कारण कार्यालय में काम करने वाले कर्मियों और अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसके साथ ही भवन के कई कमरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें भी पड़ चुकी हैं, जो किसी बड़े खतरे को आमंत्रण दे रही हैं.

उद्घाटन के बाद से ही शुरू हो गयी थी समस्या

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस कार्यालय भवन के उद्घाटन के महज एक-दो महीने के भीतर ही छत से पानी का रिसाव शुरू हो गया था. उस समय इस गंभीर समस्या को प्रभात खबर समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था. खबर छपने के बाद विभाग और संवेदक हरकत में आये थे. तब संवेदक द्वारा छत के ऊपर 10 एमएम की पतली छड़ (छरी) बिछाकर दोबारा ढलाई कराई गयी थी और उसे आनन-फानन में ठीक करने का प्रयास किया गया था.

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मरम्मत के बाद भी नहीं सुधरे हालात

संवेदक द्वारा की गयी उस मरम्मत के बाद कुछ दिनों तक तो स्थिति ठीक रही, लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों से छत से पुनः पानी का रिसाव शुरू हो गया है. कई दीवारों की दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही हैं. इसके अतिरिक्त भवन के ढांचे में लगे कई जोड़ों (जॉइंट्स) का रबर पूरी तरह खराब हो चुका है, जिससे बरसात का पानी सीधे भवन के कमरों के अंदर घुस जाता है. करोड़ों की लागत से बने इस सरकारी भवन की यह बदहाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

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लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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