चंपाई सोरेन ने दी 456.6 करोड़ की पलामू पाईपलाइन सिंचाई योजना की सौगात, बोले- आदर्श झारखंड बनाएंगे

चंपाई सोरेन ने कहा कि डेढ़-दो साल में पलामू पाईपलाइन सिंचाई योजना पूरी हो जाएगी. इसके बाद पलामू के खेतों को 12 महीने तक पानी मिलने लगेगा. इसके साथ ही पलामू में सुखाड़ की समस्या खत्म हो जाएगी.

झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने शनिवार (10 फरवरी) को लगभग हर साल सुखाड़ झेलने वाले पलामू जिले को पलामू पाईपलाइन सिंचाई योजना की सौगात दी. 456.6 करोड़ रुपए की सिंचाई योजना का शिलान्यास करने के बाद चंपाई सोरेन ने ऐलान किया कि झारखंड को आदर्श झारखंड बनाएंगे. शहर और गांव की दूरी मिटा देंगे. वर्ष 2027 तक झारखंड में सबके पास अपना पक्का मकान होगा. उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपलब्धियां और उनकी दूरदर्शिता के बारे में भी बात की.

पलामू के खेतों को 12 महीने मिलेगा पानी

मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि डेढ़-दो साल में पलामू पाईपलाइन सिंचाई योजना पूरी हो जाएगी. इसके बाद पलामू के खेतों को 12 महीने तक पानी मिलने लगेगा. इसके साथ ही पलामू में सुखाड़ की समस्या खत्म हो जाएगी. हमारी सरकार पलामू में हर खेत तक पाईपलाइन से पानी पहुंचाएगी. इसके बाद पलामू भी हरा-भरा रहेगा. पलामू के किसानों को कभी सुखाड़ की समस्या नहीं झेलनी होगी.

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मिटा देंगे शहर और गांव की दूरी

हेमंत सोरेन की जगह मुख्यमंत्री की कमान संभालने वाले चंपाई सोरेन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड के युवा सम्राट हेमंत सोरेन ने गांव और शहर की दूरी मिटाने का सपना देखा था. उनके सपने को यह सरकार जरूरी पूरा करेगी. चंपाई सोरेन ने कहा कि झारखंड में अब किसी को पैदल नहीं चलना पड़ेगा. गांव के लोगों को शहर जाने और वहां से घर लौटने में दिक्कत न हो, इसके लिए हेमंत सोरेन ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना’ लेकर आए थे.

बसों में नहीं देना होगा किराया

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार इस योजना को शुरू करेगी. मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के शुरू हो जाने के बाद गांव के लोग मुफ्त में बस से शहर तक जा सकेंगे. पेंशनभोगी बुजुर्ग हों या स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे, किसी को बस में किराया नहीं देना होगा. नि:शक्त हों या गरीब परिवार के लोग, सभी मुफ्त में इस बस में यात्रा कर सकेंगे.

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झारखंड में सबका होगा अपना पक्का मकान

झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक झारखंड में सबका अपना पक्का मकान होगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास देने से इंकार कर दिया, तो हेमंत सोरेन ने अपने दम पर लोगों को पक्का मकान देने का फैसला किया. इसके लिए ‘अबुआ आवास योजना’ लेकर आए.

20 लाख लोगों को देंगे अबुआ आवास

चंपाई सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने झारखंड के 20 लाख परिवारों को अबुआ आवास देने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री आवास दो कमरे का है, हमारी सरकार ने अबुआ आवास योजना के तहत तीन कमरे का पक्का मकान देने का फैसला किया है. चंपाई सोरेन ने हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के लिए केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर बार-बार सवाल उठाए.

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भाजपा सरकार ने नहीं किया कोई काम

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार झारखंड में सबसे पहले बनी. सबसे ज्यादा समय तक भाजपा ने झारखंड पर शासन किया. लेकिन, उन्होंने झारखंड की उन्नति के लिए कुछ नहीं किया. अब जब हेमंत सोरेन के नेतृत्व में बेहतर काम हो रहे थे, तो भाजपा को यह बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने युवा मुख्यमंत्री को जेल भेज दिया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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